निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : रायपुर में आज छत्तीसगढ़ विधानसभा का नजारा खास रहा, जब शासन की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे 120 पूर्व नक्सली सदन की कार्यवाही देखने पहुंचे। विधानसभा की आसंदी की ओर से सभी को लोकतांत्रिक व्यवस्था में वापसी के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
पुरुष-महिलाओं की समान भागीदारी
विधानसभा पहुंचे समर्पित नक्सलियों में 66 पुरुष और 54 महिलाएं शामिल थीं। इनमें पूर्व सेंट्रल कमेटी के सदस्य रहे रुपेश, बसवा, चैतू, ललिता और राजू भी मौजूद थे। सामान्य सदस्य रहे पूर्व नक्सलियों ने दर्शक दीर्घा से कार्यवाही देखी, जबकि सेंट्रल कमेटी में नेतृत्व की भूमिका निभा चुके सदस्य अध्यक्षीय दीर्घा में बैठे।
Read More : C.G News : सरगुजा में बीट गार्ड की पिटाई का वीडियो वायरल, वर्दी की गरिमा पर सवाल, कटघरे में प्रशासन
लोकतंत्र से सीधा परिचय
उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने इसे छत्तीसगढ़ विधानसभा का ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पुनर्वास कर लौटे लोगों का स्वागत और अभिनंदन करना सरकार की जिम्मेदारी है।
करीब 125 पूर्व नक्सलियों के साथ विजय शर्मा स्वयं विधानसभा पहुंचे और उन्हें सदन का भ्रमण कराया। उन्होंने दर्शक दीर्घा में बैठकर पूरी कार्यवाही देखी।
बड़े इनामी भी रहे शामिल
इस दल में 1 करोड़ रुपये के इनामी रहे रुपेश भी शामिल थे। वहीं झीरम हमले से जुड़े और 25 लाख रुपये के इनामी चैतू ने भी सदन की कार्यवाही देखी। चैतू ने तीन महीने पहले जगदलपुर में आत्मसमर्पण किया था।
यह पहल न केवल पुनर्वास नीति की सफलता का संकेत है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि राज्य सरकार पूर्व उग्रवादियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।











