Raigarh Forest Department Action : गौरीशंकर गुप्ता/रायगढ़ (23 फरवरी 2026): रायगढ़ जिले के जंगलों को लूटने वाले तस्करों के खिलाफ वन विभाग और उड़नदस्ता टीम ने अब तक की सबसे बड़ी और रणनीतिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। भालूनारा फॉरेस्ट बैरियर पर की गई इस कार्रवाई में टीम ने दो माजदा और एक पिकअप वाहन को अवैध लकड़ी के साथ रंगे हाथों पकड़ा है।
शाम से बिछा था जाल, रात भर चला सर्च ऑपरेशन रेंजर लीला पटेल के नेतृत्व में उड़नदस्ता टीम को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि खरसिया और पत्थलगांव मार्ग से लकड़ी की एक बड़ी खेप रायपुर की ओर भेजी जा रही है। टीम ने शाम 6 बजे से ही बैरियर पर घेराबंदी कर दी थी।
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पहला शिकार (रात 8:30 बजे): माजदा वाहन (CG 08Y 2044) पकड़ा गया, जिसमें आम की 5 चट्ठा लकड़ी लदी थी। चालक सोभनाथ चंद्रा को मौके पर ही हिरासत में लिया गया।
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दूसरा शिकार (रात 11:30 बजे): ग्राम खैरा से घरघोड़ा जा रही एक पिकअप (CG 13AS 6540) को रोका गया, जिसमें मिश्रित प्रजाति की 16 तख्त लकड़ी मिली। चालक किशनलाल चंद्रा ने अवैध कटाई की बात कबूल की।
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तीसरा शिकार (रात 2 बजे): दूसरा माजदा (CG 04PQ 9935) गिरफ्त में आया। इसमें सेमल और मिश्रित लकड़ी लदी थी। चालक चेतन उर्फ शंकर साहू बलौदाबाजार का निवासी बताया जा रहा है।
लाखों की लकड़ी और कड़ी वैधानिक कार्रवाई वनमंडल अधिकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई POR नंबर 4731/25, 7571/01 और 7571/02 के तहत दर्ज की गई है। जब्त की गई लकड़ी की कीमत लाखों में आंकी गई है। रेंजर लीला पटेल ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जंगल लुटेरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ वन अधिनियम की कड़ी धाराओं में मुकदमा चलेगा।
सरगनाओं पर नजर स्थानीय ग्रामीणों ने विभाग की इस मुस्तैदी की सराहना की है, लेकिन साथ ही मांग की है कि जांच केवल चालकों तक सीमित न रहे, बल्कि उन बड़े सरगनाओं तक पहुंचे जो इस पूरे अवैध कारोबार को पर्दे के पीछे से संचालित कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने भी सभी थानों को तस्करी के खिलाफ अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।











