दुर्ग : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे पीडब्ल्यूडी के टाइमकीपर राजू कश्यप उर्फ कृपा शंकर को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को दुर्ग लाने के लिए विशेष पुलिस टीम रवाना हो चुकी है, जिसके बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तेज होने की संभावना है।
तकनीकी जांच से मिला सुराग
एसएसपी विजय अग्रवाल के अनुसार, अपराध दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था। सूचना मिली थी कि वह राज्य से बाहर भाग गया है और गोरखपुर में रिश्तेदारों के यहां छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कर कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल टॉवर लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी। सटीक लोकेशन मिलने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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नौकरी का झांसा देकर शोषण का आरोप
जांच में सामने आया है कि आरोपी मूल रूप से गोरखपुर का रहने वाला है और पीडब्ल्यूडी में नौकरी मिलने के बाद परिवार सहित दुर्ग में रह रहा था। उस पर आरोप है कि उसने नाबालिग पीड़िता को नौकरी दिलाने का लालच देकर कई वर्षों तक उसका यौन शोषण किया। साथ ही नौकरी से निकालने की धमकी देकर उसे डराया-धमकाया जाता रहा।
अदालत में जमानत याचिकाओं पर सुनवाई
इस मामले में सह-आरोपी संजय द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका को दुर्ग की विशेष अदालत ने खारिज कर दिया है। वहीं एक अन्य गिरफ्तार आरोपी की जमानत अर्जी अदालत में विचाराधीन है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग से जुड़े अपराधों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून के तहत कठोर कदम उठाए जाएंगे।











