Chhattisgarh Congress Protest : रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच धान और रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को लेकर तकरार तेज हो गई है। शुक्रवार, 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर राज्य के सभी जिलों और ब्लॉक मुख्यालयों में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ और धान खरीदी की तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बिलासपुर, रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा संभाग में प्रमुख नेशनल हाईवे पर चक्काजाम किया गया, जिससे घंटों तक यातायात बाधित रहा।
हाईवे पर लगी वाहनों की लंबी कतारें
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बिलासपुर: सेंदरी के पास बिलासपुर-अंबिकापुर हाईवे पर कांग्रेसियों ने सड़क घेर ली। करीब एक घंटे तक चले इस जाम में यात्री बसें और मालवाहक ट्रक फंसे रहे।
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जगदलपुर: रायपुर-जगदलपुर-ओडिशा एनएच-30 पर आड़ावल चौक पर पूर्व विधायक रेखचंद जैन और जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। सड़क पर बैठे कार्यकर्ताओं के कारण दोनों ओर वाहनों की मील लंबी कतारें लग गईं।
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सरगुजा: लखनपुर में एनएच-130 पर चक्काजाम कर ब्लॉक अध्यक्ष अमित सिंहदेव ने धान खरीदी की तिथि 15 फरवरी तक बढ़ाने की मांग की।
मुद्दे: धान खरीदी की डेडलाइन और मनरेगा का स्वरूप कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश में अब भी हजारों किसान अपना धान नहीं बेच पाए हैं, लेकिन सरकार खरीदी की तारीख आगे बढ़ाने को तैयार नहीं है। वहीं, केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा (MGNREGA) का नाम बदलने और कानून में संभावित बदलावों को लेकर भी कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व विधायक अरुण वोरा और अन्य नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार गांधी जी के सिद्धांतों के विपरीत कार्य कर रही है और गरीबों के रोजगार के अधिकार को छीनना चाहती है।
गांधी पुण्यतिथि पर ‘ड्राई डे’ न होने पर भी विरोध रायगढ़ और अन्य जिलों में कांग्रेसियों ने एक और मोर्चा खोला। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर ‘ड्राई डे’ (शराब बंदी) घोषित नहीं किए जाने पर कार्यकर्ताओं ने शराब दुकानों के सामने धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
ज्ञापन और चेतावनी दिनभर चले इस प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने तहसीलदारों के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। मुंगेली जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर और रायपुर जिलाध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने धान खरीदी की तिथि नहीं बढ़ाई और मनरेगा के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ बंद नहीं की, तो आने वाले दिनों में और भी उग्र आंदोलन किया जाएगा।











