कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि पुलिस प्रशासन को भी चौंका दिया है। यहां नहर पर बना करीब 40 साल पुराना, 70 फीट लंबा और 10 टन वजनी लोहे का पुल रातों-रात चोरी हो गया। यह पुल पैदल आवाजाही के लिए इस्तेमाल किया जाता था और इलाके के लोगों के लिए बेहद अहम था।
सुबह उठे तो पुल ही गायब मिला
स्थानीय लोगों ने जब सुबह नहर के पास पहुंचकर देखा, तो उन्हें अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ। जिस जगह पर वर्षों से लोहे का पुल मौजूद था, वहां सिर्फ खाली जगह और कटे हुए लोहे के निशान थे। तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
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चोरी के लिए बनाया गया था पूरा सिंडिकेट
पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई सामान्य चोरी नहीं, बल्कि संगठित गिरोह की वारदात थी। आरोपियों ने पहले पूरा प्लान बनाया और फिर गैस कटर, वाहन और मजदूरों के साथ मौके पर पहुंचे। गैस कटर से पुल को काटकर उसे स्क्रैप में बदला गया।
आधा स्क्रैप ले गए, आधा नहर में फेंका
आरोपियों ने कटे हुए पुल के आधे लोहे को मालवाहक वाहन (छोटा हाथी) में भरकर ले जाया, जबकि बाकी आधा नहर के पानी में ही फेंक दिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नहर से लोहे का स्क्रैप बरामद कर लिया है।
5 आरोपी गिरफ्तार, 15 से ज्यादा की तलाश
पुलिस ने अब तक इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया है कि इस चोरी में करीब 15 लोग शामिल थे। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
वाहन, गैस कटर और नकदी जब्त
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया मालवाहक वाहन, बाइक, गैस कटर, गैस सिलेंडर और करीब 6 हजार रुपये नकद भी जब्त किए हैं।
पुलिस गश्त पर उठे सवाल
पूरे पुल की चोरी ने पुलिस गश्ती व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि इतना बड़ा पुल काटकर ले जाना और किसी को भनक न लगना, सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर गिरफ्तारी की है, लेकिन इस घटना ने लोगों को असुरक्षित महसूस करने पर मजबूर कर दिया है।









