Saturday, September 19, 2026
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भोपाल में AI से तय होंगे जमीनों के दाम, कलेक्टर गाइडलाइन रिविजन शुरू, 3 हजार से ज्यादा लोकेशन पर प्रॉपर्टी रेट एनालिसिस

भोपाल: राजधानी भोपाल में कलेक्टर गाइडलाइन को रिवाइज करने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। इस बार प्रशासन ने पारंपरिक तरीकों से हटकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया है। जिले की 3 हजार से ज्यादा लोकेशन पर संपत्ति रजिस्ट्रियों के मौजूदा दामों का डेटा एनालिसिस किया जा रहा है, ताकि रेट तय करने की प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और विवाद-मुक्त हो सके।

2 से 4 दिन में जिलों तक पहुंचेगी AI रिपोर्ट

सूत्रों के अनुसार, AI के माध्यम से तैयार की जा रही यह रिपोर्ट 2 से 4 दिनों में सभी जिलों के वरिष्ठ जिला पंजीयकों तक पहुंचा दी जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किन क्षेत्रों में कलेक्टर गाइडलाइन बढ़ाई जाए और किन जगहों पर रेट यथावत रखे जाएं।

AI बताएगा कहां गाइडलाइन से ज्यादा हो रही रजिस्ट्री

AI आधारित रिपोर्ट में यह स्पष्ट होगा कि किस लोकेशन पर कलेक्टर गाइडलाइन से ज्यादा दाम पर जमीनों की रजिस्ट्रियां हो रही हैं। रिपोर्ट में कुल रजिस्ट्रियों की संख्या, गाइडलाइन से ऊपर हुई रजिस्ट्री का प्रतिशत और उसकी संभावित वजहें भी शामिल रहेंगी। इसके बाद उप पंजीयक फील्ड में जाकर भौतिक सत्यापन करेंगे, ताकि आंकड़ों की जमीनी हकीकत भी परखी जा सके।

अयोध्या बायपास के 200 फीट दायरे में नहीं बढ़ेंगे रेट

उप मूल्यांकन समिति की पहली बैठक में यह अहम फैसला लिया गया है कि अयोध्या बायपास के दोनों ओर 200 फीट के दायरे में आने वाली जमीनों के रेट नहीं बढ़ाए जाएंगे। कारण यह है कि इस क्षेत्र की जमीन भविष्य में सरकारी अधिग्रहण के दायरे में है। अगर गाइडलाइन बढ़ी, तो सरकार को दोगुना मुआवजा देना पड़ सकता है।

भौंरी विवाद से प्रशासन ने लिया सबक

पिछले साल भौंरी इलाके में कलेक्टर गाइडलाइन अचानक बढ़ाने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया था, जो हाईकोर्ट तक पहुंचा। बाद में प्रशासन को रेट घटाने पड़े। इसी तरह के विवाद दोबारा न हों, इसलिए इस बार AI डेटा और फील्ड वेरिफिकेशन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

नई कॉलोनियों और प्रोजेक्ट्स पर भी नजर

नगर निगम और टीएंडसीपी से यह जानकारी मांगी गई है कि किन इलाकों में नई वैध कॉलोनियों को मंजूरी मिली है। साथ ही बीडीए और हाउसिंग बोर्ड से भी नए और चल रहे प्रोजेक्ट्स की रिपोर्ट ली जा रही है। इन इलाकों में जमीन के रेट बढ़ने की संभावना सबसे ज्यादा मानी जा रही है।

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