रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पास स्थित चंद्रखुरी में प्रभु श्रीराम की नई प्रतिमा की स्थापना का मार्ग अब साफ हो गया है। भगवान राम की यह प्रतिमा 14 जनवरी, मकर संक्रांति के बाद चंद्रखुरी स्थित कौशल्या माता मंदिर परिसर में लाई जाएगी। इसके पश्चात पूरे वैदिक विधि-विधान और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ प्रतिमा की स्थापना की जाएगी।
प्रतिमा बनकर तैयार, मूर्तिकार को मिला पूरा भुगतान
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि भगवान श्रीराम की नई प्रतिमा का निर्माण पूर्ण हो चुका है। मूर्तिकार को तय राशि का भुगतान भी कर दिया गया है। भुगतान प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब प्रतिमा को रायपुर लाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
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विवादों में रही पुरानी प्रतिमा
उल्लेखनीय है कि चंद्रखुरी, जिसे भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है, वहां पहले स्थापित विशालकाय प्रतिमा कांग्रेस शासनकाल में लगाई गई थी। उस प्रतिमा के मुख और शारीरिक अनुपात को लेकर भाजपा ने आपत्ति जताई थी। इसे धार्मिक भावनाओं और शिल्प मानकों के अनुरूप नहीं बताया गया था।
सरकार बदलते ही लिया गया नया फैसला
प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद पुरानी प्रतिमा को हटाकर नई प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इस महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश के ग्वालियर निवासी प्रसिद्ध मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा को सौंपी गई थी।
भुगतान अटकने से रुका था काम
हालांकि, पहले भुगतान में देरी के चलते प्रतिमा का कार्य और उसका परिवहन अटका हुआ था। अब मूर्तिकार को पूर्ण भुगतान मिलने के बाद प्रतिमा को छत्तीसगढ़ लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अहम
नई प्रतिमा की स्थापना न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और रामायण परंपरा को भी मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है। चंद्रखुरी को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है।











