India vs New Zealand ODI : इंदौर। शहर में 18 जनवरी को होने वाले भारत-न्यूजीलैंड अंतरराष्ट्रीय वनडे मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह चरम पर है, लेकिन इसी उत्साह का फायदा साइबर ठग उठा रहे हैं। मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) द्वारा सभी ऑनलाइन टिकटों की बिक्री समाप्त घोषित किए जाने के बाद अब सोशल मीडिया पर टिकटों का एक बड़ा स्कैम सामने आया है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय जालसाज लोगों को नकली टिकटों का लालच देकर उनके बैंक खाते खाली कर रहे हैं।
क्राइम ब्रांच की टीम ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि ये ठग लोगों को फर्जी टिकटों की तस्वीरें और वीडियो भेजकर उनका भरोसा जीतते थे और फिर भुगतान के लिए क्यूआर कोड भेजते थे। जैसे ही पीड़ित व्यक्ति पैसे ट्रांसफर करता, आरोपी उसे तुरंत ब्लॉक कर देते थे। कई पीड़ितों ने इंदौर क्राइम ब्रांच में इसकी शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने साइबर सर्विलांस के जरिए इन ठगों को दबोचने में सफलता पाई है।
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि यह धोखाधड़ी दो स्तरों पर की जा रही है। पहले तरीके में ठग सीधे तौर पर फर्जी टिकट बेच रहे हैं। वहीं, दूसरे और अधिक खतरनाक तरीके में ठग लोगों को लुभावने मैसेज के साथ संदिग्ध लिंक या एपीके (APK) फाइलें भेज रहे हैं। इन फाइलों को डाउनलोड करते ही उपयोगकर्ता के मोबाइल का एक्सेस ठगों के पास चला जाता है, जिससे वे डेटा चोरी और वित्तीय फ्रॉड को अंजाम दे रहे हैं।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि मैच के टिकट अब आधिकारिक तौर पर कहीं भी उपलब्ध नहीं हैं। एडिशनल डीसीपी ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति या सोशल मीडिया विज्ञापन के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई न गंवाएं। उन्होंने साफ किया कि मैच देखने की चाहत में ऐसे प्लेटफॉर्म पर ट्रांजैक्शन करना जोखिम भरा हो सकता है और इसके लिए पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है।
इसके साथ ही क्राइम ब्रांच ने टिकटों की कालाबाजारी यानी ब्लैक मार्केटिंग करने वालों को भी सख्त चेतावनी दी है। पुलिस की विशेष टीमें सोशल मीडिया पर उन आईडी की निगरानी कर रही हैं जो ऊंचे दामों पर टिकट बेचने का दावा कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि ब्लैक में टिकट बेचना कानूनन अपराध है और ऐसे संदिग्धों पर नजर रखने के लिए डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा किया जा रहा है। पकड़े जाने पर इन लोगों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।









