रायपुर: सरगुजा के राजनीतिक हलकों में ‘सरगुजा महाराज’ नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में चल रही खींचतान ने कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी को उजागर कर दिया है। इस पर खुद टीएस सिंहदेव ने प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि वह स्वस्थ राजनीति के पक्षधर हैं, लेकिन अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
1. व्हाट्सएप ग्रुप में गुटबाजी पर स्पष्टीकरण
सिंहदेव ने कहा कि उन्हें कल ही जानकारी मिली कि वह भी इस ग्रुप के एडमिन हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा:
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स्वच्छ वैचारिक आदान-प्रदान: “मैं विचारों के मतभेद का स्वागत करता हूँ, लेकिन भाषा की मर्यादा बनी रहनी चाहिए।”
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सख्त निर्देश: “अगर कोई ग्रुप में आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहा है, तो उन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए।”
2. मनरेगा का नाम बदलने पर ‘छल’ का आरोप
मनरेगा का नाम बदलकर उसे ‘मिशन’ में परिवर्तित करने पर सिंहदेव ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया।
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अधिकार बनाम मिशन: उन्होंने कहा कि मनरेगा नागरिकों को दिया गया एक ‘अधिकार’ था, जिसे अब एक सामान्य मिशन बना दिया गया है।
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धर्म का राजनीतिक उपयोग: “राम जी का नाम भी मिशन में जोड़ दिया गया, जबकि वास्तविकता अलग है। रूरल आजीविका मिशन को भगवान राम के नाम के साथ जोड़कर जनता के साथ छल किया जा रहा है।”
3. नई जिम्मेदारी और गठबंधन की चुनौती
तमिलनाडु और पांडिचेरी पीसीसी स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाए जाने पर उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि गठबंधन के साथ चुनाव लड़ना एक बड़ी चुनौती है और संगठन ने जो जिम्मेदारी दी है, उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे।









