NTPC Lara Coal Scam: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़: एनटीपीसी (NTPC) लारा परियोजना से जुड़े कोयले के परिवहन और प्रबंधन में एक बड़े भ्रष्टाचार की सूचना सामने आ रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तिलाईपाली के कारीछापर स्थित रेलवे साइडिंग में कोयले की अफरा-तफरी का खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है। आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क को एक रसूखदार सिंडिकेट का संरक्षण प्राप्त है।

NTPC Lara Coal Scam: सिंडिकेट और महाराष्ट्र की कंपनी का कनेक्शन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कारीछापर रेलवे साइडिंग में कोयले की डंपिंग का कार्य महाराष्ट्र की एक कंपनी द्वारा किया जा रहा है। इस कंपनी के संचालक को एक प्रभावशाली सिंडिकेट का पूरा समर्थन हासिल है, जिसकी आड़ में बड़े पैमाने पर कोयले की अनियमितता की जा रही है।
NTPC Lara Coal Scam: अधिकारियों की संलिप्तता की आशंका
इस अवैध कारोबार में साइडिंग से जुड़े कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई गई है। सूत्रों का कहना है कि एनटीपीसी लारा से आने वाले और वहां से जाने वाले कोयले के रिकॉर्ड में हेरफेर कर इस घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है।
NTPC Lara Coal Scam: जांच की मांग: भौतिक सत्यापन है जरूरी
यदि कारीछापर रेलवे कोल साइडिंग में कोयले की आवक और जावक का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कराया जाए, तो कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हो सकते हैं। यह जांच न केवल भ्रष्टाचार को सामने लाएगी, बल्कि इसमें शामिल चेहरों को भी बेनकाब करेगी।
NTPC Lara Coal Scam: उल्लेखनीय है कि रेलवे साइडिंग कारीछापर में एन.टी.पी.सी. तिलाईपाली से आने वाले कोयले में उद्योगों से निकलने वाले “बैंक फिल्टर डस्ट” को भारी मात्रा में मिलाकर रैक के माध्यम से महाराष्ट्र स्थित एन.टी.पी.सी. भेजा जा रहा है। वहीं, उच्च किस्म के कोयले को रायगढ़ जिले के ही कई स्थानीय उद्योगों में खपा कर मोटी अवैध कमाई की जा रही है, जिससे सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व की क्षति पहुँच रही है









