निवाड़ी: मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिला मुख्यालय पर उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब भूमाफियाओं से परेशान किसानों ने प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा की गाड़ी को घेर लिया। किसानों का आरोप है कि उनकी जमीन पर कब्जे की कोशिशें लगातार हो रही हैं, लेकिन प्रशासन उनकी सुनवाई नहीं कर रहा। यह घटना जिले में दूसरी बार वीआईपी सुरक्षा में बड़ी चूक मानी जा रही है।
प्रभारी मंत्री से न्याय की गुहार
प्रभारी मंत्री कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिला विकास समिति की पहली बैठक और प्रदेश सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए पहुंचे थे। प्रेस वार्ता समाप्त होते ही ओरछा क्षेत्र के गुंदरई गांव से आए दर्जनों किसानों ने उन्हें घेर लिया और अपनी जमीन बचाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
महिला किसानों और पुलिस में झड़प
किसानों के साथ आई महिलाओं ने भी अपनी बात प्रभारी मंत्री तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस द्वारा रोके जाने पर महिला किसानों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। महिलाओं ने पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए, जिससे स्थिति और उग्र हो गई।
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वीआईपी सुरक्षा पर सवाल
उग्र किसानों ने प्रभारी मंत्री, जिला प्रशासन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया को स्वयं मोर्चा संभालना पड़ा। भारी मशक्कत के बाद ही प्रभारी मंत्री और बाद में कलेक्टर जमुना भिड़े सहित अन्य अधिकारियों की गाड़ियां बाहर निकल सकीं।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले राज्यपाल के दौरे के दौरान भी किसानों और आदिवासियों ने वीआईपी काफिले को घेर लिया था। बावजूद इसके प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, जो जिले के लिए चिंता का विषय बन गया है।











