नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने 1990 के दशक की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर शेयर करते हुए RSS और BJP संगठन की तारीफ कर दी, जो आमतौर पर कांग्रेस के तीखे निशाने पर रहते हैं।
RSS-BJP की संगठन शक्ति की सराहना
दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि उन्हें यह तस्वीर QUORA साइट पर मिली। उन्होंने लिखा कि किस प्रकार आरएसएस का जमीनी स्वयंसेवक और जनसंघ-बीजेपी का कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री और फिर देश का प्रधानमंत्री बना। उन्होंने इसे संगठन की ताकत बताते हुए पोस्ट के अंत में “जय सिया राम” लिखा।
पोस्ट के बाद मचा सियासी बवाल
इस पोस्ट के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई। कांग्रेस और विपक्षी खेमे में इस बयान के अलग-अलग मायने निकाले जाने लगे। कई नेताओं ने सवाल उठाया कि बीजेपी-RSS की तारीफ कांग्रेस नेता के मुंह से क्यों?
दिग्विजय सिंह की सफाई
विवाद बढ़ने पर दिग्विजय सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने केवल संगठन की क्षमता की बात की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे RSS और प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों के कट्टर विरोधी रहे हैं और रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन को मजबूत बताना कोई अपराध नहीं है और जो कहना था, वह CWC बैठक में कह चुके हैं।
#WATCH | दिल्ली: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अपने ट्वीट पर कहा, “मैंने संगठन की तारीफ की है। मैं RSS का और पीएम मोदी की नीतियों का घोर विरोधी था, हूं और रहूंगा… जो मुझे कहना था मैंने CWC बैठक में कह दिया… संगठन को मजबूत करना या उसकी तारीफ करना क्या बुरी बात है?…” pic.twitter.com/fcQPP6UdzK
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 27, 2025
पोस्ट की टाइमिंग पर सवाल
खास बात यह है कि यह पोस्ट ऐसे समय आई, जब कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक चल रही थी, जिसमें दिग्विजय सिंह स्वयं शामिल हुए थे। इससे यह अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या वे कांग्रेस नेतृत्व को अप्रत्यक्ष संदेश देना चाहते थे। इससे पहले भी वे राहुल गांधी को लेकर पार्टी पर ध्यान देने की सलाह दे चुके हैं।











