Smart meter revolution : छत्तीसगढ़ में ‘स्मार्ट मीटर क्रांति’ : RDSS के तहत 30.53 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित

Smart meter revolution : रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बिजली वितरण के आधुनिकीकरण और दक्षता में सुधार के लिए भारत सरकार की पुनर्गठित वितरण क्षेत्र स्कीम (RDSS) के तहत स्मार्ट मीटरिंग को तेजी से अपना रहा है। 15 नवंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 30,53,925 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। यह आंकड़ा बिजली की खपत की स्मार्ट निगरानी और वितरण कंपनियों के परिचालन में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है।

Smart meter revolution : PPP मॉडल और टोटेक्स मोड: RDSS के तहत स्मार्ट मीटरिंग का कार्य मुख्य रूप से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के माध्यम से टोटेक्स (TOTEX) मोड में किया जा रहा है।CG Smart Meter: स्मार्ट मीटर लगाने में छत्तीसगढ़ अन्य राज्यों से बेहतर, 12  लाख घरों में मिल गई ये सुविधा..

  • इसके तहत, उन्नत मीटरिंग अवसंरचना सेवा प्रदाता (AMISP) मीटरिंग की आपूर्ति, स्थापना, और उसके बाद के संचालन तथा रखरखाव के लिए जिम्मेदार है।

  • स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनके ऊर्जा उपयोग का वास्तविक समय डेटा प्रदान करते हैं, जिससे वे अपनी खपत को बेहतर ढंग से प्रबंधित कर सकते हैं।

Smart meter revolution : ऊर्जा ऑडिट और नुकसान में कमी: राज्य के वितरण ट्रांसफार्मरों और उपभोक्ता स्तरों पर स्मार्ट मीटरों से प्राप्त डेटा ऊर्जा लेखांकन और ऊर्जा ऑडिट के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है, जिससे बिजली की चोरी और तकनीकी नुकसान को कम करने में सहायता मिलेगी।छत्‍तीसगढ़ में 48 लाख उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर पर केंद्र की शर्तों ने  बढ़ाईं मुश्किलें, जानिए वजह - Smart meters of 48 lakh consumers increased  difficulties in Chhattisgarh

प्रीपेड मीटरिंग से उपभोक्ताओं और कंपनियों को लाभ: छत्तीसगढ़ में प्रीपेड स्मार्ट मीटरों की ओर बदलाव की भी पहल की जा रही है।

  • यह कदम उपभोक्ताओं के लिए बेहतर बजटिंग और अपनी क्षमतानुसार बिजली खरीदने की सुविधा सुनिश्चित करेगा।

  • वितरण कंपनियों के लिए बिलिंग दक्षता में सुधार होगा और बकाया राशि का जोखिम कम होगा, जिससे वित्तीय स्थिरता और परिचालन क्षमता दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

Smart meter revolution : ग्रिड आधुनिकीकरण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा: स्मार्ट मीटरिंग के अलावा, RDSS के तहत छत्तीसगढ़ में ग्रिड निगरानी को आधुनिक बनाने के लिए SCADA (पर्यवेक्षी नियंत्रण और डेटा अधिग्रहण) और DMS (वितरण प्रबंधन प्रणाली) प्रणालियाँ भी स्वीकृत की गई हैं।

  • ये प्रणालियाँ दूरस्थ निगरानी और नियंत्रण को संभव बनाकर कटौती को कम करने और खराबी पर प्रतिक्रिया समय में सुधार करने में मदद करेंगी।

  • इस उन्नत अवसंरचना से ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ेगी और यह नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के एकीकरण के लिए भी आवश्यक है, जिससे राज्य का प्रयास स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को सुगम बनाने में योगदान देगा।

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