भोपाल : उत्तर भारत से बहकर आ रही ठंडी और तेज हवाओं ने मध्य प्रदेश में एक बार फिर कड़ाके की ठंड बढ़ा दी है। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में सर्दी का असर विशेष रूप से तेज दिखाई दे रहा है। गुरुवार-शुक्रवार की रात प्रदेश के अनेक शहरों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता में कमी आई और लोगों को सड़क मार्ग पर परेशानी का सामना करना पड़ा।
19 से अधिक शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे
गुरुवार की रात से शुक्रवार सुबह तक भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर सहित मध्य प्रदेश के 19 से अधिक शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में औसतन 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया है।लोगों को सुबह-सुबह कड़ाके की ठिठुरन और कोहरे का सामना करना पड़ा।
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रीवा में पारा 5.8°C, पचमढ़ी से भी नीचे गया तापमान
बीते 24 घंटों में रीवा प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पचमढ़ी के 6.7°C से भी कम था। पचमढ़ी आमतौर पर सबसे ठंडा माना जाता है, लेकिन इस बार रीवा ने उसे भी पीछे छोड़ दिया।
अन्य शहरों का तापमान इस प्रकार रहा—
- भोपाल – 8.2°C
- ग्वालियर – 7.5°C
- जबलपुर – 9.9°C
- इंदौर – 11°C
- उज्जैन – 11.7°C
- राजगढ़–कल्याणपुर, शिवपुरी, सतना, गुना, धार – 6°C से 10°C के बीच
प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में कड़ाके की ठंड का असर महसूस किया गया।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 7 और 8 दिसंबर को ठंड में और तेजी आएगी। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते बर्फबारी हो रही है, जिसका सीधा असर मध्य प्रदेश पर भी पड़ेगा।इन इलाकों से आने वाली बर्फीली हवाएँ आने वाले दो दिनों तक पारा और गिरा सकती हैं।
लोगों को दी गई सावधानियां
- सुबह और देर शाम यात्रा से बचें
- बच्चों व बुजुर्गों को गर्म कपड़े पहनाएं
- कोहरे के दौरान वाहन धीमी गति से चलाएं
- घर से बाहर निकलते समय चेहरे को ढकें









