रतलाम : कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत के परिवार से जुड़ा एक बड़ा और हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है। उनकी पोता बहू दिव्या गहलोत ने दहेज प्रताड़ना, मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और 50 लाख रुपये की मांग के गंभीर आरोप लगाए हैं। दिव्या ने इन आरोपों को लेकर रतलाम पुलिस अधीक्षक को चार पन्नों का विस्तृत लिखित आवेदन सौंपा है।
ससुराल वालों पर गंभीर आरोप
दिव्या ने अपने आवेदन में बताया कि वह रतलाम के गंगासागर कॉलोनी निवासी जगदीश मालवीय की बेटी हैं और वर्ष 2018 में आलोट तहसील के ताल में मुख्यमंत्री कन्यादान समारोह में उनका विवाह देवेंद्र गहलोत से हुआ था। शादी के बाद से ही ससुराल वालों ने दहेज की मांग शुरू कर दी और धीरे-धीरे प्रताड़ना बढ़ती चली गई।
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उनके अनुसार—ससुर एवं पूर्व विधायक जितेंद्र गहलोत, सास अनिता गहलोत, पति देवेंद्र, देवर विशाल और ननद अनिता ने 50 लाख रुपये लाने का दबाव बनाया। रकम न लाने पर मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का दौर शुरू हो गया।
छत से धक्का देकर मारने की कोशिश
दिव्या ने कहा कि कई बार उन्हें मायके जाने पर मजबूर होना पड़ा। जनवरी 2024 में एक विवाद के दौरान उन्हें घर की छत से धक्का दे दिया गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। अस्पताल में भर्ती होने से लेकर मेडिकल रिपोर्ट तक का उल्लेख उन्होंने आवेदन में किया है।
गर्भावस्था में भी प्रताड़ना का दावा
शिकायत में दिव्या ने यह भी लिखा है कि गर्भावस्था के दौरान भी उन्हें मारपीट और मानसिक उत्पीड़न सहना पड़ा। परिवार ने उनकी स्थिति को समझने के बजाय बार-बार बात दबाने का प्रयास किया। यहां तक कि उन्हें और मायके वालों को धमकाया भी गया।
पति का पलटवार—बताया झूठा आरोप
दूसरी ओर, दिव्या के पति देवेंद्र गहलोत ने फोन पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि यह पारिवारिक विवाद है, इसलिए वह अधिक टिप्पणी नहीं करेंगे।
पुलिस ने आगे बढ़ाई कार्यवाही
रतलाम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा ने बताया कि मामला उज्जैन जिले से संबंधित है, इसलिए महिला का आवेदन आगे कार्रवाई के लिए उज्जैन जिले के अधिकारियों को भेज दिया गया है।









