Sunday, September 20, 2026
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Sheikh Hasina : शेख हसीना को सौंपने की औपचारिक मांग, बांग्लादेश ने भारत से कहा—‘सजा-ए-मौत पाने वाली दोषियों को पनाह देना शत्रुतापूर्ण कदम’

Sheikh Hasina : ढाका/नई दिल्ली। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भारत को औपचारिक पत्र लिखकर अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान को तुरंत वापस भेजने की मांग की है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि दोनों पर इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल (ICT) द्वारा जुलाई छात्र विद्रोह दमन के दौरान “मानवता के खिलाफ अपराध” का दोषी पाया गया है, इसलिए उन्हें पनाह देना “न्याय की अवमानना और अत्यंत शत्रुतापूर्ण कृत्य” माना जाएगा।

आईसीटी ने दोनों नेताओं को अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई है। हसीना और कमाल 5 अगस्त 2024 से नई दिल्ली में शरण लिए हुए हैं।

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Sheikh Hasina : प्रत्यर्पण संधि का हवाला

बांग्लादेश ने 2013 में भारत के साथ हुई प्रत्यर्पण संधि का उल्लेख करते हुए कहा है कि भारत “कानूनी रूप से बाध्य” है कि दोनों दोषियों को ढाका को सौंपे।
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया—
“दोनों देशों के बीच मौजूद संधि स्पष्ट रूप से कहती है कि दोषियों को उनके देश को सौंपा जाना चाहिए। हम उम्मीद करते हैं कि भारत अपनी प्रतिबद्धता निभाएगा।”

भारत की प्रतिक्रिया

भारत के विदेश मंत्रालय ने आईसीटी के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा—
“भारत, एक करीबी पड़ोसी के रूप में, बांग्लादेश में शांति, लोकतंत्र, समावेश और स्थिरता के प्रति प्रतिबद्ध है। हम सभी हितधारकों के साथ रचनात्मक रूप से संवाद जारी रखेंगे।”

Sheikh Hasina : हालांकि भारत ने प्रत्यर्पण की मांग पर कोई प्रत्यक्ष टिप्पणी नहीं की।

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क्या कहती है भारत-बांग्लादेश प्रत्यर्पण संधि?

  • 2013 में हस्ताक्षरित और 2016 में संशोधित

  • एक वर्ष से अधिक सजा वाले अपराधों पर लागू

  • हत्या, आतंकवाद, हिंसा, मानव तस्करी आदि अपराध शामिल

  • राजनीतिक, धार्मिक या सैन्य अपराधों में प्रत्यर्पण संभव नहीं

  • यदि प्रत्यर्पण राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित लगे तो भारत इनकार कर सकता है

  • यदि व्यक्ति भारत में शरणार्थी का दर्जा पा चुका हो तो भी प्रत्यर्पण संभव नहीं

  • गिरफ्तारी वारंट पर्याप्त, सबूत की आवश्यकता नहीं

विशेषज्ञों का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है—
एक ओर बांग्लादेश का कानूनी आग्रह, दूसरी ओर भारत की राजनीतिक, रणनीतिक और मानवीय संतुलन साधने की चुनौती। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय बातचीत की संभावना बताई जा रही है।

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VIKASH KHALKHO
विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।

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