Surguja Police Custody Death : सरगुजा | छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में पुलिस हिरासत में एक चोरी के आरोपी की मौत के बाद भीषण हंगामा मच गया है। बलरामपुर पुलिस पर मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए उसे सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है। परिजनों ने पुलिस की पिटाई को मौत का कारण बताते हुए शव लेने से साफ इंकार कर दिया है, जिससे पुलिस के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है।
Surguja Police Custody Death : घटनाक्रम:
बलरामपुर के चांदो रोड स्थित धनंजय ज्वेलर्स में 31 अक्टूबर की रात चोरी हुई थी। पुलिस ने इस मामले में उमेश और उसके कुछ साथियों को पूछताछ के लिए सीतापुर क्षेत्र से हिरासत में लिया था।
पुलिस का पक्ष: बलरामपुर पुलिस का दावा है कि उमेश की सूचना पर ज्वेलरी बरामद करके लौटते समय, थाने से कुछ दूर पहले उमेश की तबियत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने उमेश के सिकलसेल से पीड़ित होने का दावा किया है, और कहा है कि मौत से एक महीने पहले भी वह इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुआ था। पुलिस ने मारपीट से इंकार किया है।
परिजनों का आरोप: उमेश के परिजनों ने पुलिस के इस दावे को सिरे से झूठा बताया है। उनका आरोप है कि पुलिस वालों ने उमेश को घर से पकड़ने के दौरान भी पीटा था और थाने में लाने के बाद लगातार बेरहमी से मारपीट की, जिसके चलते अधमरा उमेश ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि उन्हें 9 नवंबर की सुबह उमेश की तबियत खराब होने की सूचना दी गई, लेकिन उन्हें पस्ता थाने में रोक लिया गया और दोपहर 3 बजे के बाद ही बलरामपुर जाने दिया गया। परिजनों का यह भी आरोप है कि उनकी बिना अनुमति और उपस्थिति के ही पीएम (पोस्टमार्टम) शुरू कर दिया गया था।
READ MORE : Surguja: पूर्व डिप्टी एजीएम के घर में बड़ी चोरी, 20 लाख के गहने ले उड़े चोर
हिरासत में मौत और पुलिस पर लगाए जा रहे हत्या के आरोपों से पूरे सरगुजा क्षेत्र में तनाव का माहौल है। परिजनों के शव लेने से इंकार करने के कारण अब यह मामला उच्च स्तरीय जांच के दायरे में आ सकता है।













