Illegal Construction : उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर के पास स्थित मुस्लिम बाहुल्य बेगमबाग क्षेत्र में बुधवार सुबह प्रशासन की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) की टीम ने अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर 12 अवैध बिल्डिंगों को जमींदोज किया। यह कार्रवाई लोअर कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से स्टे समाप्त होने के बाद की गई।
कार्रवाई सुबह 8 बजे से शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुई, जिसमें किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ। प्रशासन ने इस क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लिया था। मौके पर 100 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान, नगर निगम व विकास प्राधिकरण के करीब 100 कर्मचारी मौजूद रहे। कार्रवाई के दौरान यूडीए सीईओ संदीप कुमार सोनी, एसडीएम, तहसीलदार, निगम अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अमला मौजूद रहा।
Illegal Construction :
यूडीए अधिकारियों के अनुसार, बेगमबाग क्षेत्र में वर्ष 1985 में 28 भूखंड आवासीय प्रयोजन के लिए 30 वर्ष की लीज पर दिए गए थे, लेकिन धर्म विशेष के लोगों ने इन भूखंडों का व्यावसायिक उपयोग कर नियमों का उल्लंघन किया। वर्ष 2014-15 में लीज समाप्त होने के बाद उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया। इसके बाद नोटिस जारी किए गए, जिन पर कोई जवाब नहीं मिलने पर भूखंडों की लीज रद्द कर दी गई थी।
भूखंड धारकों ने इस निर्णय को अदालत में चुनौती दी थी, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट तक से स्टे खारिज हो जाने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की। अब तक इस क्षेत्र में कुल 38 अवैध बिल्डिंगों को तोड़ा जा चुका है, जबकि शेष 27 पर कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
आज जिन 12 बिल्डिंगों को तोड़ा गया, वे भूखंड क्रमांक 26, 48 और 63 पर बनी थीं। ये बिल्डिंगें सैय्यद नियामत अली, रोशनी बी, मोहम्मद अय्यूब, अब्दुल खालिद, रईस मोहम्मद, साजिद खां, अकीला बी, मोहम्मद नासिर, एजाज अहमद, आइसा बी, उवेश खां, अब्दुल नासिर, अब्दुल शाकिर, अनीसा बी और फेमीदा बी के नाम पर थीं।
Illegal Construction :
कार्रवाई के दौरान एक दर्जन पोकलेन और बुलडोजर का उपयोग किया गया। प्रशासन का कहना है कि भवन मालिकों को पहले नोटिस और पर्याप्त समय दिया गया था। न्यायालय के निर्णय के बाद अधिकांश लोगों ने स्वेच्छा से अपने भवन खाली कर दिए, जिसके कारण कार्रवाई शांतिपूर्ण रही।
गौरतलब है कि करीब डेढ़ माह पहले हिंदूवादी नेता टी. राजा सिंह ने महाकाल दर्शन के बाद बयान दिया था कि “महाकाल मार्ग से गोल टोपी वाले हटाए जाएं”, जिसके बाद यह क्षेत्र सुर्खियों में आया था। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया और न्यायालय के आदेश के तहत की जा रही है, इसका किसी राजनीतिक बयान से संबंध नहीं है।
Illegal Construction :
यूडीए सीईओ संदीप कुमार सोनी ने कहा —
“यह कार्रवाई पूरी तरह न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद की गई है। जिन भूखंडों को आवासीय प्रयोजन के लिए लीज पर दिया गया था, उनका व्यावसायिक उपयोग किया गया और लीज का नवीनीकरण नहीं कराया गया। कोर्ट से स्टे हटने के बाद यह कार्रवाई अनिवार्य थी।”













