रायपुर/नई दिल्ली : देश में इस वर्ष असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी सहित कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सभी प्रमुख दल चुनावी रणनीति बनाने में जुटे हैं। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने असम और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रबंधन को मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़ के नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
असम में इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी
पार्टी सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के डिप्टी CM अरुण साव को असम की 9 विधानसभा सीटों का प्रभार दिया गया है। वहीं वित्त मंत्री ओपी चौधरी को 10 विधानसभा क्षेत्रों में संगठनात्मक समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।इसके अलावा दुर्ग सांसद विजय बघेल को भी असम की 10 सीटों पर चुनावी गतिविधियों की निगरानी और रणनीतिक समन्वय का दायित्व मिला है। माना जा रहा है कि इन नेताओं के अनुभव का लाभ पार्टी को चुनावी मैदान में मिलेगा।
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पश्चिम बंगाल में संगठनात्मक फोकस
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन महामंत्री पवन साय को 56 विधानसभा क्षेत्रों की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उनके साथ विधायक राजेश मूणत और वरिष्ठ नेता शिवरतन शर्मा भी चुनावी मोर्चे पर सक्रिय भूमिका निभाएंगे।पार्टी नेतृत्व का मानना है कि विभिन्न राज्यों के अनुभवी नेताओं को मैदान में उतारने से संगठनात्मक समन्वय मजबूत होगा और चुनावी रणनीति को गति मिलेगी।
पांच राज्यों के चुनाव पर राष्ट्रीय नजर
इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माने जा रहे हैं। दक्षिण और पूर्वी भारत के राज्यों में बेहतर प्रदर्शन के लिए BJP विशेष रणनीति पर काम कर रही है। छत्तीसगढ़ के नेताओं को जिम्मेदारी सौंपना इसी व्यापक योजना का हिस्सा माना जा रहा है।आने वाले महीनों में चुनावी अभियान तेज होने के साथ-साथ इन नेताओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो सकती है।









