Sunday, August 23, 2026
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Naxal Free India: बस्तर की बैठक में जुटे चार राज्यों के मुख्यमंत्री, अमित शाह बोले- विवादमुक्त और नक्सलमुक्त हुआ मध्य भारत

Naxal Free India: रायपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी विशेष रूप से शामिल हुए। यह ऐतिहासिक बैठक केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अंतर-राज्य परिषद सचिवालय द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार की मेजबानी में आयोजित की गई। बैठक में चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ केंद्र और राज्य सरकारों के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि आज यह बेहद हर्ष का विषय है कि जब यह बैठक बस्तर में हो रही है, तब पूरा बस्तर और देश नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। उन्होंने इस ऐतिहासिक सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। इसके साथ ही उन्होंने हमारे सुरक्षाबलों के जवानों की बहादुरी और एजेंसियों की सटीक कार्रवाई की जमकर तारीफ की।

विकास की नई लड़ाई की शुरुआत

श्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद खत्म होने के बाद भी हमारी लड़ाई अभी पूरी नहीं हुई है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र पिछले पांच दशकों से विकास की दौड़ में बहुत पीछे छूट गए हैं। यही कारण है कि जब तक इन क्षेत्रों को देश के बाकी हिस्सों के बराबर नहीं लाया जाता, तब तक सरकार चैन से नहीं बैठेगी। सरकार ‘Whole of the Government Approach’ के तहत सभी विभागों को साथ लेकर इन क्षेत्रों में तेजी से विकास पहुंचा रही है।

उन्होंने आगे कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद के चारों राज्य खनिज और वनों से समृद्ध हैं, जो देश के अनाज भंडार को भरने और तरक्की को गति देने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। अब यह पूरा क्षेत्र न केवल नक्सलवाद से मुक्त हुआ है, बल्कि राज्यों के आपसी विवाद भी पूरी तरह खत्म हो गए हैं।

बैठकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी

केन्द्रीय गृह मंत्री ने आंकड़ों के जरिए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में क्षेत्रीय परिषदों का कामकाज काफी मजबूत हुआ है। साल 2004 से 2014 के बीच जहां सिर्फ 11 बैठकें हुई थीं, वहीं 2014 से 2026 के बीच यह संख्या बढ़कर 32 हो गई है। पहले के मुकाबले अब मुद्दों पर चर्चा में 200% से अधिक की तेजी आई है। इसके साथ ही लगभग 80% समस्याओं का सफलतापूर्वक निपटारा भी किया जा चुका है।

त्वरित न्याय और सुरक्षा पर कड़े निर्देश

सुरक्षा और न्याय प्रणाली को लेकर गृह मंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों को कई कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोक्सो और बलात्कार के मामलों में समय पर डीएनए जांच कराकर शत-प्रतिशत सजा सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही अदालतों में 5 साल से अधिक पुराने मामलों को निपटाने के लिए हाई कोर्ट के स्तर पर विशेष अदालतें बनाई जानी चाहिए।

उन्होंने साइबर अपराध से निपटने के लिए चारों राज्यों को 1930 हेल्पलाइन के कॉल सेंटर को तुरंत अपडेट करने को कहा। मिलावटखोरों पर लगाम कसने के लिए उन्होंने निर्देश दिया कि दोषी दुकानों और उनके मालिकों के नाम सार्वजनिक किए जाएं ताकि जनता जागरूक हो सके। अंत में उन्होंने लक्ष्य रखा कि साल 2029 से पहले देश में ऐसी व्यवस्था लागू होगी, जिससे हर आपराधिक मुकदमा तीन साल के भीतर सुप्रीम कोर्ट तक अपने अंजाम तक पहुंच जाएगा।

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