Supreme Court Stray Dogs Verdict : देश में आवारा कुत्तों के बढ़ते मामलों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। Supreme Court Stray Dogs Verdict में शीर्ष अदालत ने साफ कर दिया कि आवारा कुत्तों को लेकर 2025 में दिया गया पुराना आदेश ही लागू रहेगा और उसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।जस्टिस विक्रमनाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने यह फैसला सुनाते हुए एनिमल वेलफेयर बोर्ड के सभी आवेदन भी खारिज कर दिए।
सड़कों से हटाए जाएंगे आवारा कुत्ते
Stray Dogs Supreme Court Order के तहत सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही आदेश दिया था कि सड़कों से आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में भेजा जाए। कोर्ट ने यह भी कहा था कि नसबंदी और टीकाकरण के बाद भी कुत्तों को दोबारा सड़कों पर नहीं छोड़ा जाए।आज दिए गए फैसले में कोर्ट ने इसी पुराने आदेश को बरकरार रखा है।
कई याचिकाओं पर सुनवाई के बाद फैसला
Dog Bite Cases India को लेकर देशभर में कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थीं। इन याचिकाओं में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या, डॉग बाइट और रेबीज के मामलों को देखते हुए सख्त गाइडलाइन की मांग की गई थी।कोर्ट ने 29 जनवरी को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद सभी पक्षों से लिखित जवाब भी मांगे गए थे।
Animal Welfare Board को बड़ा झटका
Animal Welfare Board Petition पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड के सभी आवेदन खारिज कर दिए। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने कुत्तों के साथ क्रूरता न करने और नियमों के तहत नसबंदी की प्रक्रिया अपनाने की मांग की थी।हालांकि कोर्ट ने साफ किया कि आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।
स्कूल, अस्पताल और स्टेशन के बाहर सख्ती
Stray Dogs Guidelines India के तहत सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में सभी राज्यों और नेशनल हाईवे अथॉरिटी को आदेश दिया था कि स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और खेल मैदान जैसी जगहों से आवारा कुत्तों को हटाया जाए।कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थानों के चारों ओर बाउंड्री बनाई जाए ताकि कुत्ते अंदर न आ सकें।
रेबीज और डॉग बाइट मामलों पर चिंता
India Dog Bite News के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में देशभर में आवारा कुत्तों के काटने और रेबीज के मामलों में तेजी आई है। खासतौर पर बच्चों पर हमलों की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी थी।इसी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया था।
नगर निगमों की जिम्मेदारी बढ़ी
Municipal Corporation Dog Control के तहत अब स्थानीय प्रशासन और नगर निगमों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। कोर्ट के आदेश के बाद अब संबंधित एजेंसियों को सड़कों से आवारा कुत्तों को हटाने और शेल्टर होम में रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
फैसले पर पूरे देश की नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला आने वाले समय में देशभर में आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने की नीति तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।









