Mp news Tendu Leaf Scam:खातेगांव-कन्नौद वन परिक्षेत्र में इन दिनों तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य तेज़ी से जारी है। एक ओर जहां जंगलों में हजारों मजदूर तेंदूपत्ता तोड़ने में जुटे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर मजदूरों के शोषण के गंभीर आरोप सामने आने लगे हैं। ग्रामीणों और तेंदूपत्ता संग्राहकों का कहना है कि वन विभाग और समिति प्रबंधकों की कथित मिलीभगत से फड़मुंशी मजदूरों से “पचोत्री” के नाम पर अतिरिक्त गड्डियां वसूल रहे हैं।
मजदूरों का आरोप है कि संग्रहण कार्ड में केवल 100 गड्डियां दर्ज की जाती हैं, लेकिन मौके पर उनसे 105 गड्डियां जमा करवाई जाती हैं। यानी हर 100 गड्डियों पर 5 गड्डियां बिना किसी भुगतान के अतिरिक्त ली जा रही हैं। इससे मजदूरों को सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और उनकी मेहनत का पूरा मेहनताना नहीं मिल पा रहा।
ग्रामीणों के अनुसार तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य बेहद कठिन और जोखिमभरा होता है। संग्राहक रोज सुबह करीब 4 बजे जंगलों में पहुंच जाते हैं और घंटों तक पेड़ों से पत्ते तोड़ते हैं। इस दौरान जंगली जानवरों, सांप-बिच्छू और अन्य विषैले जीवों का खतरा लगातार बना रहता है। दिनभर की मेहनत के बाद परिवार के सदस्य मिलकर 50-50 पत्तों की गड्डियां तैयार करते हैं। इसके बाद उन्हें फड़ पर जमा कराया जाता है।
Mp news Tendu Leaf Scam:मजदूरों का कहना है कि इतनी कठिन मेहनत के बावजूद यदि उनसे अतिरिक्त गड्डियां ली जाएं तो यह सीधा अन्याय है। कई संग्राहकों ने बताया कि “पचोत्री” के नाम पर वर्षों से यह व्यवस्था चली आ रही है, लेकिन अधिकांश मजदूर जानकारी के अभाव और अधिकारियों के डर के कारण खुलकर विरोध नहीं कर पाते। यही वजह है कि फड़मुंशी और समिति प्रबंधक कथित रूप से इस व्यवस्था का फायदा उठा रहे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि कोई मजदूर अतिरिक्त गड्डियां देने से मना करता है तो उसकी गिनती में कटौती कर दी जाती है या फिर उसे अगली बार कम प्राथमिकता दी जाती है। इससे मजदूर मजबूरी में नियमों के खिलाफ जाकर भी अतिरिक्त गड्डियां जमा करने को विवश हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े मजदूर पहले ही आर्थिक रूप से कमजोर हैं और उनकी आजीविका काफी हद तक इसी कार्य पर निर्भर करती है। ऐसे में यदि उनकी मेहनत का हिस्सा बिना भुगतान के लिया जाता है तो यह उनके अधिकारों का हनन है।
ग्रामीणों और मजदूर संगठनों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और मजदूरों को उनका पूरा भुगतान दिलाया जाना चाहिए। लोगों ने यह भी मांग की है कि संग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए ताकि भविष्य में किसी भी मजदूर का शोषण न हो सके।
Mp news Tendu Leaf Scam:अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और मजदूरों को न्याय मिल पाता है या नहीं।









