मध्यप्रदेश में एक बार फिर MP Honeytrap Case ने सनसनी फैला दी है। इंदौर के एक कारोबारी से कथित ब्लैकमेलिंग और करोड़ों रुपये की मांग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भोपाल से आरोपी श्वेता जैन को हिरासत में लिया है।पुलिस के अनुसार श्वेता जैन पर इंदौर के कारोबारी हितेंद्र सिंह उर्फ चिंटू ठाकुर को ब्लैकमेल करने और उनसे 1 करोड़ रुपये की मांग करने का आरोप है।
कारोबारी ने लगाए गंभीर आरोप
Indore Blackmailing Case में कारोबारी हितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही थीं। कारोबारी का दावा है कि पैसे नहीं देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई।शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और भोपाल स्थित आरोपी के निवास पर कार्रवाई की।
भोपाल से हिरासत में ली गई श्वेता जैन
Shweta Jain Honeytrap Case में पुलिस टीम ने भोपाल पहुंचकर आरोपी श्वेता जैन को हिरासत में लिया। शुरुआती पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना जताई जा रही है।सूत्रों के मुताबिक पुलिस अब आरोपी के मोबाइल, कॉल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है।
ब्लैकमेलिंग नेटवर्क की जांच तेज
Honeytrap Network Investigation के तहत पुलिस अब इस पूरे मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है। जांच में द्वारकापुरी निवासी अलका दीक्षित का नाम भी सामने आया है।पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह मामला किसी संगठित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का हिस्सा है या फिर व्यक्तिगत स्तर पर की गई साजिश।
पुराने मामलों से भी जोड़े जा रहे तार
MP Crime News के अनुसार पुलिस इस केस के तार मध्यप्रदेश में पहले सामने आ चुके हाई प्रोफाइल हनीट्रैप मामलों से भी जोड़कर देख रही है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी पहले भी ऐसे मामलों में शामिल रही है या नहीं।
कई बड़े खुलासों की संभावना
Indore Police Investigation के तहत पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हो सकते हैं। अगर मामले में और लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जा सकता है।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है और सबूत जुटाने में लगी हुई है।
कारोबारी वर्ग में बढ़ी चिंता
इस मामले के सामने आने के बाद इंदौर के कारोबारी वर्ग में चिंता का माहौल है। लगातार सामने आ रहे ब्लैकमेलिंग और हनीट्रैप मामलों ने सुरक्षा और भरोसे को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।









