Gold Complex Dispute: रतलाम। शहर का बहुचर्चित निर्माणाधीन गोल्ड कॉम्पलेक्स एक बार फिर विवादों और चर्चा के केंद्र में आ गया है। जमीन के मालिकाना हक और फर्जीवाड़े से जुड़ी एक बेहद गंभीर शिकायत मंगलवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में पहुंची है। इस मामले में स्वर्गीय जामिन खाँ के कानूनी वारिसों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर एक शिकायती आवेदन सौंपा है। पीड़ितों का आरोप है कि अनावेदक नासीर खान ने एक फर्जी वसीयतनामा तैयार कर शहर की करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन को अकेले हड़पने की कोशिश की है। आवेदकों ने इस पूरे मामले में निष्पक्ष जाँच और दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की माँग की है।
वैध वारिसों को बेदखल करने की कोशिश
जनसुनवाई में सौंपे गए आवेदन के अनुसार, रतलाम शहर के सर्वे नंबर 105 और 106/2 के अंतर्गत कुल 11 बीघा 11 बिस्वा जमीन स्वर्गीय जामिन खाँ के नाम पर राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। इस संपत्ति पर स्वर्गीय मुनव्वर खान और स्वर्गीय सलीम खान के सभी कानूनी वारिसों का वैध अधिकार है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे सभी नियमानुसार इस मूल्यवान संपत्ति के हिस्सेदार हैं। इसके विपरीत, आरोपी नासीर खान ने खुद को इकलौता मालिक साबित करने के लिए साल 1996 की एक फर्जी वसीयत तैयार कर ली और इसी के आधार पर वह बाकी परिवार को बेदखल करने का प्रयास कर रहा है।
न्यायालय को गुमराह करने का आरोप
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि नासीर खान ने इसी फर्जी दस्तावेज के सहारे न्यायालय में मामला भी दायर किया था। हालांकि, आवेदकों के अनुसार माननीय उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) से भी नासीर खान को कोई स्थगन आदेश (स्टे) नहीं मिला है। इसके बावजूद, आरोपी ने 13 मई 2026 को समाचार पत्र में एक जाहिर सूचना प्रकाशित करवा दी। इस सूचना में उसने माननीय उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) में मामला विचाराधीन होने का हवाला देकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की है।
पुलिस कर रही है धोखाधड़ी की जाँच
पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन को यह भी अवगत कराया कि नासीर खान ने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर इस विवादित भूमि के संबंध में कुछ लोगों से अनुबंध कर लिया है। यही नहीं, वह इस अनुबंध के बदले मोटी रकम भी डकार चुका है। इस धोखाधड़ी की लिखित शिकायत पहले ही पुलिस से की जा चुकी है, जिस पर पुलिस विभाग द्वारा विस्तृत जाँच और कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार को जनसुनवाई में नसीम, अख्तर, फीरोजा बी, मेहरून निशा और अफलाक सहित सभी वारिसों ने हस्ताक्षर युक्त आवेदन देकर प्रशासन से गुहार लगाई है कि कूटरचित दस्तावेज बनाकर शासन और न्यायालय को गुमराह करने वाले आरोपी के खिलाफ तुरंत सख्त दंडात्मक कदम उठाए जाएं।









