रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नवमी से शुरू हुआ मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन विजयादशमी के पावन पर्व पर भी पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ जारी रहा। गुरुवार सुबह से लेकर देर संध्या तक महादेव घाट के पास निगम द्वारा निर्मित विसर्जन कुंड में कुल 176 विशाल प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। माता को विदाई देने के लिए भक्तगण सपरिवार नम आँखों और भक्तिमय वातावरण में पारंपरिक विधि-विधान के साथ पहुंचे।
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देर रात तक जारी रहा विसर्जन का सिलसिला
शहर में इस वर्ष पाँच सौ से अधिक पंडालों में मां दुर्गा की स्थापना की गई थी। गुरुवार को विसर्जन का यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। श्रद्धालु समूह बनाकर ढोल-नगाड़ों, मनमोहक झाँकियों और गीत-संगीत के साथ प्रतिमाओं को लेकर विसर्जन स्थल पर पहुँचे। ‘जय माता दी’ के उद्घोष से पूरा वातावरण गूँज उठा। निगम अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में प्रतिमाओं का विसर्जन जारी रहेगा।
निगम प्रशासन ने किए पुख्ता सुरक्षा और व्यवस्था के इंतजाम
विसर्जन के सुचारू संचालन के लिए निगम प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। विसर्जन स्थल पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए आवश्यक सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया।
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- मुख्य व्यवस्थाएँ: क्रेन, प्रशिक्षित गोताखोर, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल और सुरक्षाकर्मी।
- कर्मचारी तैनाती: विसर्जन स्थल पर जोन की टीमों को गुरुवार सुबह छह बजे से रविवार सुबह छह बजे तक चक्रीय ड्यूटी (Shift Duty) पर तैनात किया गया है।
गुरुवार को अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय ने जोन-चार के जोन कमिश्नर अरुण ध्रुव और अन्य अधिकारियों के साथ विसर्जन कुंड स्थल का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाने के निर्देश दिए।











