टीकमगढ़: रिपोर्टर संतोष कुशवाहा की रिपोर्ट के अनुसार, टीकमगढ़ जिले के शासकीय प्राथमिक शाला फिरोजपुर भाटा खड़ाई में बच्चों के हाथों में कॉपी और किताबों की जगह हावड़ा और घास दिखाई दी।
तस्वीरें चौंकाने वाली हैं। मासूम बच्चे स्कूल में किताबें पढ़ने के बजाय घास तोड़ते और हावड़ा चलाते नज़र आ रहे हैं। सवाल उठता है कि जब शिक्षक ही बच्चों को पढ़ाई की बजाय खेत में काम करवाएँ, तो शिक्षा का अधिकार कानून का क्या मतलब रह जाता है?
सरकारी दावों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की बड़ी-बड़ी बातें होती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन तस्वीरों में साफ झलक रही है। जिम्मेदारों की लापरवाही ने नौनिहालों को स्कूल से खेत की तरफ धकेल दिया है। अब देखना है कि प्रशासन इन तस्वीरों पर क्या कार्रवाई करता है।











