Bhasma Aarti Ujjain: उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में देश और दुनिया भर से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रशासन ने एक बड़ी और अभूतपूर्व सौगात दी है। बाबा महाकाल के भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अब मंदिर की तमाम प्रमुख आध्यात्मिक और नागरिक सेवाओं को पूरी तरह से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाइव कर दिया गया है। मंदिर प्रबंधन समिति के मुताबिक, अब श्रद्धालुओं को विभिन्न आरतियों और सुगम दर्शन का लाभ उठाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और वे घर बैठे ही अपनी सुविधानुसार बुकिंग सुनिश्चित कर सकेंगे।
एक क्लिक पर उपलब्ध होंगी सभी ऑनलाइन सेवाएं
आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर अब कई महत्वपूर्ण डिजिटल सेवाएं एक साथ शुरू कर दी गई हैं। इनमें मुख्य रूप से मंदिर विकास और सामाजिक कार्यों के लिए डोनेशन (दान), कम समय में बाबा के दर्शन के लिए ‘शीघ्र दर्शन’ पास, संध्या आरती बुकिंग, शयन आरती बुकिंग और तड़के होने वाली विश्व प्रसिद्ध ‘भस्म आरती’ की एडवांस ऑनलाइन बुकिंग शामिल है। इस डिजिटल कदम से न केवल दर्शनार्थियों के समय की बचत होगी, बल्कि पूरी वीआईपी और सामान्य दर्शन व्यवस्था में पारदर्शिता भी आएगी।
श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रहा ‘महाकाल महालोक’ का अलौकिक वैभव
महाकालेश्वर मंदिर परिसर में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निर्मित किया गया ‘महाकाल महालोक’ कॉरिडोर इस समय उज्जैन आने वाले भक्तों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बना हुआ है। इस भव्य और दिव्य आध्यात्मिक गलियारे में 108 कलात्मक पिलर्स (स्तंभ) स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही पूरे कॉरिडोर की दीवारों पर भगवान शिव के विभिन्न पौराणिक प्रसंगों और स्वरूपों को जीवंत करती हुईं भव्य भित्ति चित्र (मुराल्स) और सुंदर मूर्तियां उकेरी गई हैं। यहाँ आने वाले श्रद्धालु बाबा महाकाल के मुख्य दर्शन करने के उपरांत इस भव्य कॉरिडोर का दीदार करना नहीं भूलते।
भस्म आरती के लिए समय पर बुकिंग आवश्यक
मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अलसुबह होने वाली भस्म आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं में हमेशा भारी उत्साह रहता है। इस आरती की सीमित सीटों के चलते भक्तों को सलाह दी गई है कि वे उज्जैन आने के अपने तय कार्यक्रम से पहले ही ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी सीट आरक्षित कर लें। मंदिर समिति ने आम जनता से यह भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के बिचौलियों या अनधिकृत एजेंटों के झांसे में न आएं और केवल महाकाल मंदिर प्रशासन के आधिकारिक डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके ही रसीदें और पास प्राप्त करें।









