रीवा – रीवा जिले के जवा महूहा टोला में आदिवासी किसान प्रभुदायल आदिवासी के साथ पुलिस द्वारा कथित मारपीट का मामला सामने आया है। खाद वितरण केंद्र के बाहर हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि दो पुलिसकर्मी – प्रधान आरक्षक अनुराग तिवारी और आरक्षक शिवेंद्र मिश्रा – किसान को पकड़कर गाड़ी में बैठाते हुए उसके हाथ और पैर से मारते हुए नजर आ रहे हैं।
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किसान प्रभुदायल ने बताया कि वह अपने टोकन के साथ काउंटर पर गया था, जहां कर्मचारियों ने उसे दो बोरी खाद देने के लिए कहा। किसान ने विनम्रतापूर्वक कहा कि एक टोकन में पांच बोरी खाद देने का नियम लागू होना चाहिए। इसके बाद पुलिस ने उसे गाली-गलौच के साथ लात-घूंसे मारना शुरू कर दिया और जवा थाने ले जाया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें बिना कारण नशेड़ी बताकर आरोपित किया गया और खाद भी नहीं दी गई। किसान ने पुलिस पर बिना वजह पीटने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
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प्रभुदायल आदिवासी, किसान – “मुझे मारपीट से डर लगा और मैं सहम गया। आखिर खाद मांगना मेरा इतना बड़ा गुनाह क्यों बन गया?”
पुलिस का कहना है कि किसान नशे की हालत में था और हंगामा कर रहा था, हालांकि किसान ने इस दावे को निराधार बताया है।













