रायपुर : छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस मामले को बिलासपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी है। पार्टी का आरोप है कि राज्य में मंत्रियों की संख्या संवैधानिक सीमा से अधिक कर दी गई है, जो नियमों का उल्लंघन है।
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कांग्रेस की याचिका
कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंत्रियों की संख्या का निर्धारण संविधान और केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार होना चाहिए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मंत्रियों की संख्या 14 हो गई है, जबकि संविधान के अनुसार यह संख्या 90 सदस्यों वाली विधानसभा में 13 से अधिक नहीं हो सकती।
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भूपेश बघेल का बयान
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि एनडीए सरकार ने मंत्रिमंडल का आकार 15% तक सीमित करने की व्यवस्था की थी। उन्होंने कहा, “मंत्रिमंडल की संख्या 14 करना संविधान और केंद्र द्वारा बनाए गए प्रावधानों के खिलाफ है।”
टीएस सिंहदेव की राय
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी विस्तार पर सवाल उठाते हुए कहा, “14 को 90 से भाग करने पर 15.55% आता है, जो संविधान की सीमा से अधिक है। यह फैसला संविधान की मूल भावना के विपरीत है।”
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संवैधानिक प्रावधान
संविधान के अनुच्छेद 164(1A) के अनुसार, किसी भी राज्य में मंत्रियों की संख्या विधानसभा के कुल सदस्यों के 15% से अधिक नहीं हो सकती। छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं, इसलिए मंत्रियों की अधिकतम संख्या 13 होनी चाहिए।













