Thursday, September 10, 2026
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Anil Ambani Epstein Files : एपस्टीन फाइल्स का बड़ा खुलासा: अनिल अंबानी और जेफरी एपस्टीन के बीच फंड्स और डिफेंस सौदों पर हुई थी लंबी चर्चा

ED की रडार पर अनिल अंबानी
ED की रडार पर अनिल अंबानी

Anil Ambani Epstein Files : नई दिल्ली (15 फरवरी 2026): अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा सार्वजनिक किए गए जेफरी एपस्टीन से संबंधित दस्तावेज़ों में भारतीय उद्योगपति अनिल अंबानी का नाम प्रमुखता से सामने आया है। इन फाइलों के अनुसार, अनिल अंबानी और एपस्टीन के बीच फरवरी 2017 से मई 2019 (एपस्टीन की गिरफ्तारी से कुछ महीने पहले) तक नियमित संवाद हुआ था। इन संदेशों में व्यक्तिगत ऋण (Personal Loan), रक्षा सौदे (Defense Deals) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं को लेकर बातचीत की गई थी।

फंड्स और डिफेंस पर चर्चा

दस्तावेज़ बताते हैं कि 20 अप्रैल 2019 को अनिल अंबानी ने एपस्टीन को मैसेज किया था, “क्या आप कॉर्पोरेट स्तर पर फाइनेंसिंग की व्यवस्था करने में मदद कर सकते हैं? मैं व्यक्तिगत स्तर पर लिस्टेड शेयरों के बदले 750 मिलियन डॉलर (लगभग ₹6,200 करोड़) जुटाने पर काम कर रहा हूँ।” इसके अलावा, 2017 के संदेशों में अंबानी ने रक्षा सहयोग को लेकर एपस्टीन से मार्गदर्शन मांगा था और व्हाइट हाउस में संपर्क साधने की इच्छा जताई थी।

प्रधानमंत्री की यात्राओं और रणनीतिकारों से संपर्क

लीक हुए संदेशों के अनुसार, अनिल अंबानी ने पीएम मोदी की अमेरिका और इजरायल यात्राओं को लेकर भी एपस्टीन से चर्चा की थी। अंबानी ने एपस्टीन से डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर और रणनीतिकार स्टीव बैनन से मुलाकात करवाने में मदद मांगी थी। एपस्टीन ने मई 2019 में एक संदेश में बैनन को बताया था कि उसने “मोदी के आदमी” (Modi’s guy) से मुलाकात की है, जिसे संभवतः अंबानी के संदर्भ में देखा जा रहा है।

‘डेजर्ट’ और ‘स्वीडिश महिला’ का रहस्यमयी संदर्भ

इन फाइलों में सबसे विवादित हिस्सा ‘डेजर्ट’ (Dessert) शब्द का बार-बार इस्तेमाल है। कई संदेशों में एपस्टीन अंबानी को पेरिस या न्यूयॉर्क में ‘डेजर्ट’ के लिए आमंत्रित करता दिखा। जानकारों का अंदेशा है कि यह किसी प्रकार का कोडवर्ड हो सकता है। एक जगह एपस्टीन ने ‘सुनहरे बालों वाली लंबी स्वीडिश महिला’ का भी जिक्र किया, जिस पर कथित तौर पर अंबानी ने “अरेंज करो” (Arrange it) लिखकर जवाब दिया था। हालाँकि, इन संदर्भों की वास्तविक प्रकृति अभी भी रहस्य बनी हुई है।

राजनीतिक घमासान और सरकार का रुख

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार को घेरा है। उन्होंने सवाल किया कि “अनिल अंबानी जेल में क्यों नहीं हैं, जबकि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है?” जवाब में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी (जिनका नाम भी फाइल्स में संदर्भ के तौर पर आया है) ने इन आरोपों को निराधार बताया। विदेश मंत्रालय ने पहले ही साफ कर दिया है कि एक अपराधी (एपस्टीन) के ईमेल में प्रधानमंत्री की यात्राओं का संदर्भ केवल “कूड़ा-करकट” (trashy ruminations) है और इसे गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए।

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