नई दिल्ली – एचएसबीसी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अगर छोटी कारों पर जीएसटी दर 28% से घटाकर 18% कर दी जाती है, तो इन वाहनों की कीमत में लगभग 8% की कमी देखने को मिलेगी। इससे ऑटो सेक्टर को फेस्टिव सीजन में तगड़ा लाभ मिलने की संभावना है।
GST सुधार का प्रभाव
- वर्तमान में छोटी पेट्रोल कारों पर 28% जीएसटी और 1% उपकर, और छोटी डीजल कारों पर 28% जीएसटी और 3% उपकर लगता है।
- मिड-साइज कारों पर 43%, लग्ज़री कारों पर 48%, और SUVs पर 50% तक टैक्स लगता है।
- इलेक्ट्रिक वाहनों पर केवल 5% जीएसटी लागू है।
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रिपोर्ट की मुख्य बातें
- छोटी कारों की कीमतें 8% तक सस्ती हो सकती हैं, बड़ी कारों की कीमतें 3-5% तक घट सकती हैं।
- यदि सभी कारों पर GST 28% से घटाकर 18% कर दिया जाए, तो कीमत में 6-8% तक का लाभ हो सकता है।
- इससे छोटी कारों का बाजार संभल सकता है, खासकर 5 लाख रुपये से कम कीमत वाली एंट्री लेवल कारों की बिक्री बढ़ सकती है।
राजस्व पर असर
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व्यापक टैक्स कटौती से सरकार को अनुमानित 5-6 अरब अमेरिकी डॉलर का राजस्व नुकसान हो सकता है।
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रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि छोटी कारों पर 18% GST, बड़े वाहनों पर 40% “स्पेशल रेट” लागू किया जाए और मौजूदा उपकर समाप्त किया जाए।
बाजार और खरीदार
- भारत में 1.0-1.5 लीटर इंजन क्षमता वाली कारों की डिमांड सबसे ज्यादा है।
- हालिया टॉप 10 बेस्ट सेलिंग कारों में 9 कारें इसी श्रेणी की हैं।
- GST कटौती से आम आदमी के लिए इन कारों की किफायती कीमतें उपलब्ध होंगी।
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छोटी कारों पर GST में कमी से न केवल उपभोक्ताओं को फायदा होगा, बल्कि ऑटो सेक्टर की बिक्री में भी सुधार आएगा। हालांकि, इससे सरकार के राजस्व पर असर पड़ सकता है। वित्तीय वर्ष-25 में छोटी कारों की गिरती बिक्री को देखते हुए यह सुधार बाजार में नई ऊर्जा डाल सकता है।













