रायपुर – छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी के बंगले में बने नए कार्यालय के निर्माण पर 13 करोड़ 89 लाख रुपये खर्च होने की खबर झूठी और भ्रामक निकली है। दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि नए कार्यालय के निर्माण पर केवल 13 लाख 89 हजार रुपये खर्च हुए थे। वित्त मंत्री ने कहा है कि तथ्यहीन खबर फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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दरअसल, एक वेब पोर्टल ने खबर प्रकाशित की थी कि वित्त मंत्री के बंगले में बने कार्यालय के निर्माण पर 13 करोड़ 89 लाख रुपये खर्च हुए हैं। इस खबर के बाद इसे “शाही दफ्तर” जैसे शब्दों के साथ प्रचारित किया गया, जिससे विवाद खड़ा हो गया था।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस खबर को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि यह कार्यालय लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया है, जहाँ आगंतुकों को धूप या बरसात में बाहर नहीं बैठना पड़ता। उन्होंने कहा, “इस तरह की तथ्यहीन खबरों को प्रसारित करने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
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विभाग ने जारी किए दस्तावेज, बताई लिपिकीय त्रुटि
लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों से स्पष्ट होता है कि वर्ष 2023-24 में विधानसभा में पेश किए गए तृतीय अनुपूरक बजट में यह त्रुटि हुई थी। बजट अनुदान मांग पत्र में गलती से 13 करोड़ 89 लाख रुपये अंकित हो गया था, जबकि वास्तविक राशि 13 लाख 89 हजार रुपये ही थी।
विभाग ने बताया कि प्रमुख अभियंता ने 12 फरवरी 2024 को ही सरकार को पत्र लिखकर इस लिपिकीय त्रुटि के बारे में सूचित कर दिया था। इसके बाद 14 फरवरी 2024 को विधानसभा सत्र के दौरान संशोधन सूचना प्रस्तुत की गई थी। इस संशोधन से संबंधित सभी दस्तावेज और वीडियो विधानसभा की लाइब्रेरी में उपलब्ध हैं। विभाग ने कहा कि इन स्पष्ट तथ्यों के बावजूद जानबूझकर वित्त मंत्री और राज्य सरकार की छवि को धूमिल करने की कोशिश की गई है।











