रायपुर। CG Big News : एक दौर में जिन हाथों से तालियां बजी थीं, आज उन्हीं हाथों में तख्तियां हैं और नाराज़गी की गूंज है। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के करीब 16,000 संविदा कर्मचारी आज राजधानी रायपुर में विधानसभा घेराव के लिए जुट रहे हैं। दावा है कि यह अब तक का सबसे बड़ा स्वास्थ्यकर्मी आंदोलन होगा।
CG Big News : 20 वर्षों से इंतजार, अब सब्र के बाहर – NHM कर्मचारियों का फूटा आक्रोश
10 सूत्रीय मांगों को लेकर NHM कर्मियों का यह विरोध 10 जुलाई से शुरू हुआ, लेकिन अब इसका रूप तीखा और व्यापक हो गया है। नियमितीकरण, समान वेतन, पदोन्नति नीति और भविष्य निधि योजना जैसी प्रमुख मांगों को लेकर कर्मचारी नवा रायपुर के धरना स्थल से विधानसभा की ओर कूच करेंगे।
सरकार पर गंभीर आरोप – “वादे किए थे, पर निभाए नहीं”
संघ अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी ने बताया कि 100 से अधिक ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। उन्होंने कहा, “कोविड में जान दांव पर लगाकर सेवा की, आज हमें ही भुला दिया गया।”कर्मियों ने कहा कि “मोदी की गारंटी” में भी उनकी समस्याएं शामिल थीं, लेकिन अब उन्हें केवल वादाखिलाफी मिल रही है।
काली पट्टी से थाली बजाने तक – आंदोलन के कई पड़ाव
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10 जुलाई: सभी विधायकों को ज्ञापन
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11 जुलाई: भाजपा जिला अध्यक्षों को ज्ञापन
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12-15 जुलाई: काली पट्टी लगाकर कार्य
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16 जुलाई: जिला स्तर पर थाली-ताली बजाकर रैली
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17 जुलाई: राजधानी में विधानसभा घेराव
अब अल्टीमेटम: “अगर अब भी नहीं सुना तो स्वास्थ्य सेवाएं ठप होंगी”
संविदा कर्मचारी चेतावनी दे चुके हैं कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं ठप की जा सकती हैं। सरकार के पास अब वक्त कम है और कर्मचारी पीछे हटने को तैयार नहीं।











