[nishaanebaz.com] Sagar Toxic Liquor Case:सागर। मध्यप्रदेश के सागर में जहरीली शराब कांड को लेकर सियासत के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने पीड़ित परिवारों के लिए बड़ी मदद का ऐलान किया है। दिग्विजय सिंह ने जहरीली शराब पीने से जान गंवाने वाले लोगों के चार पीड़ित परिवारों को गोद लेने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इन परिवारों को अपनी ओर से हर महीने 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही परिवारों के अनाथ बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने की भी बात कही है।
दिग्विजय सिंह के इस ऐलान को सागर जहरीली शराब कांड के पीड़ित परिवारों के बीच आर्थिक मदद पहुंचाने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने राजनीतिक नेताओं से भी आगे आकर पीड़ित परिवारों की मदद करने की अपील की है।
चार परिवारों को हर महीने मिलेंगे 10-10 हजार रुपये
दिग्विजय सिंह ने कहा कि जहरीली शराब कांड से प्रभावित चार परिवारों की जिम्मेदारी वह अपनी ओर से उठाएंगे। प्रत्येक परिवार को हर महीने 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। यानी चारों परिवारों को कुल 40 हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता देने की घोषणा की गई है।उन्होंने यह भी कहा कि जिन परिवारों के बच्चे माता-पिता को खो चुके हैं, उनकी शिक्षा का खर्च भी वह उठाएंगे। दिग्विजय सिंह की ओर से यह घोषणा ऐसे समय की गई है, जब जहरीली शराब कांड के बाद पीड़ित परिवारों की आर्थिक स्थिति और भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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जीतू और उमंग से बोले- पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे आएं
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस नेताओं जीतू पटवारी और उमंग सिंघार से भी पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अलग ऐसे समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना जरूरी है।
दिग्विजय सिंह ने संकेत दिया कि यदि अन्य जनप्रतिनिधि और सामाजिक रूप से सक्षम लोग भी इन परिवारों की जिम्मेदारी उठाएं तो प्रभावित परिवारों को लंबे समय तक आर्थिक सहारा मिल सकता है।
जहरीली शराब कांड की जांच पर भी उठाए सवाल
सागर जहरीली शराब कांड को लेकर दिग्विजय सिंह ने जांच की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि घटना के पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।उनका कहना है कि केवल पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी पता लगाया जाना जरूरी है कि जहरीली शराब कहां से आई, इसे किसने तैयार किया और इसे लोगों तक पहुंचाने वाले कौन लोग थे।
जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग
दिग्विजय सिंह ने मामले में प्रशासन और पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मांग की है कि जहरीली शराब के कारोबार से जुड़े लोगों के साथ-साथ यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसकी भी जांच की जाए।उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अवैध शराब के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। साथ ही जांच में राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव नहीं होना चाहिए और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए।
पीड़ित परिवारों के बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने का ऐलान
दिग्विजय सिंह की घोषणा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा पीड़ित परिवारों के बच्चों की शिक्षा से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों ने इस घटना में अपने माता-पिता को खोया है, उनकी पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी और उनकी शिक्षा का खर्च वह अपनी ओर से उठाएंगे।
सागर जहरीली शराब कांड के बाद पीड़ित परिवारों के सामने आर्थिक संकट के साथ बच्चों के भविष्य की चिंता भी खड़ी हुई है। ऐसे में मासिक आर्थिक सहायता और शिक्षा का खर्च उठाने की घोषणा से प्रभावित परिवारों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।फिलहाल सागर जहरीली शराब कांड को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। दिग्विजय सिंह लगातार मामले की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं अब चार पीड़ित परिवारों को गोद लेने और उनकी आर्थिक एवं शैक्षणिक जिम्मेदारी उठाने की घोषणा ने इस पूरे मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।







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