Rewa News: रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में सरकारी भूमि और सार्वजनिक सड़क पर कथित अतिक्रमण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जिले के त्योंथर जनपद की ग्राम पंचायत वरहट में एक सरकारी पीसीसी (PCC) सड़क पर कथित कब्जे का आरोप लगने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के एक व्यक्ति ने सड़क के बीचों-बीच तार-बाड़ और फेंसिंग लगाकर रास्ते को संकरा कर दिया, जिससे करीब 500 से अधिक परिवारों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सड़क के बीच से तार-बाड़ गुजरती हुई दिखाई दे रही है, जिसे लेकर ग्रामीण प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सरकारी सड़क पर फेंसिंग कर रास्ता रोकने का आरोप
Rewa News: ग्रामीणों के अनुसार, गांव के एक व्यक्ति ने सार्वजनिक उपयोग की पीसीसी सड़क पर कथित रूप से कब्जा कर लिया है। सड़क पर तार और लोहे की बाड़ लगा देने से अब सड़क दो हिस्सों में बंटी नजर आ रही है। लोगों का कहना है कि पहले जिस सड़क से आसानी से वाहन निकलते थे, अब वहां से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह सड़क गांव का मुख्य संपर्क मार्ग है और इसी रास्ते से रोजाना सैकड़ों लोग खेत, बाजार, स्कूल और अस्पताल आते-जाते हैं। कब्जे के कारण अब पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई है।
500 से ज्यादा परिवारों के सामने रोजमर्रा का संकट
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर हुए कथित अतिक्रमण से करीब 500 परिवार सीधे प्रभावित हो रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को उठानी पड़ रही है।
किसानों को कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर और अन्य वाहन खेतों तक ले जाने में दिक्कत हो रही है, वहीं स्कूल जाने वाले बच्चों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी मरीज को आपात स्थिति में अस्पताल ले जाना पड़े तो यह रास्ता बड़ी समस्या बन सकता है।
ग्रामीणों ने सुग्रीव लोहार पर लगाए कब्जे के आरोप
Rewa News: स्थानीय लोगों का आरोप है कि गांव के सुग्रीव लोहार ने सड़क पर तार-बाड़ लगाकर सार्वजनिक मार्ग पर कब्जा किया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार समझाने और पंचायत स्तर पर बात करने के बावजूद कथित कब्जा नहीं हटाया गया।जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करते हुए अतिक्रमण हटाने की गुहार लगाई है।
वायरल वीडियो ने बढ़ाई प्रशासन की मुश्किलें
इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक सड़क पर इस तरह का कब्जा प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।लोगों ने मांग की है कि राजस्व और पंचायत विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर जांच करे और यदि सरकारी सड़क पर अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाया जाए।
ग्रामीणों की चेतावनी- कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन
Rewa News: ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द ही सड़क को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया तो वे सामूहिक आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि यह केवल एक सड़क का मामला नहीं, बल्कि पूरे गांव के अधिकार और सुविधा से जुड़ा मुद्दा है।ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और सार्वजनिक मार्ग को पूर्व की तरह सभी के लिए खुलवाया जाए।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वायरल वीडियो और ग्रामीणों की शिकायत के बाद अब सभी की नजर जिला प्रशासन पर है कि वह मामले की जांच कर क्या कार्रवाई करता है।यदि जांच में सरकारी सड़क पर अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई किए जाने की संभावना है।







