Singrauli News: सिंगरौली (विशेष संवाददाता)। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिला मुख्यालय स्थित बैढ़न अंतर्राज्यीय बस स्टैंड इन दिनों शहर की सबसे गंभीर यातायात समस्याओं में से एक बन चुका है। बस स्टैंड के दोनों मुख्य प्रवेश द्वारों पर सुबह से लेकर देर शाम तक लगने वाला भीषण जाम यात्रियों, राहगीरों, स्थानीय व्यापारियों और वाहन चालकों के लिए हर दिन की मुसीबत बन गया है। वाहनों की बढ़ती संख्या और अव्यवस्थित यातायात प्रबंधन के कारण अब इस बस स्टैंड की क्षमता पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
द्वारों पर बेतरतीब खड़े रहते हैं ऑटो और ई-रिक्शा
स्थानीय नागरिकों और राहगीरों के अनुसार, बस स्टैंड के दोनों गेटों के ठीक सामने ऑटो, ई-रिक्शा (टोटो) और अन्य छोटे यात्री वाहन सड़क पर ही खड़े होकर सवारियां बिठाते हैं। इसके चलते सड़क की उपयोगी चौड़ाई काफी कम हो जाती है। जब एक साथ कई बसें बस स्टैंड में प्रवेश करती हैं या बाहर निकलती हैं, तो कुछ ही मिनटों में दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। इस दौरान पैदल चलने वाले यात्रियों को सामान लेकर सड़क पार करने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है।
आपातकालीन सेवाओं और व्यवसाय पर पड़ रहा असर
स्थानीय लोगों का कहना है कि जाम की वजह से न केवल यात्रियों के समय और ईंधन की बर्बादी हो रही है, बल्कि आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे वाहनों को भी निकलने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। वहीं आसपास के व्यापारियों का कहना है कि लगातार लगने वाले जाम के कारण ग्राहक बाजार आने से कतराते हैं, जिससे उनके व्यापार पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
कागजी साबित हो रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान
नगर निगम और यातायात पुलिस द्वारा समय-समय पर अतिक्रमण हटाने और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन इनका असर महज कुछ ही दिनों तक दिखाई देता है। नियमित निगरानी और स्थायी व्यवस्था के अभाव में हालात फिर से पहले जैसे हो जाते हैं।
नए बस टर्मिनल और अलग स्टैंड की उठी मांग
शहर के विस्तार के साथ बसों, ई-रिक्शा और निजी वाहनों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हुई है, लेकिन बस स्टैंड की पुरानी संरचना में कोई सुधार नहीं किया गया है। स्थानीय नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि:
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ऑटो और ई-रिक्शा के लिए परिसर में अलग स्टैंड विकसित किया जाए।
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बसों के प्रवेश और निकास को पूर्णतः व्यवस्थित किया जाए।
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व्यस्त समय में पुलिस की स्थायी तैनाती कर ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित हो।
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भविष्य की जरूरतों को देखते हुए शहर के बाहरी इलाके में एक आधुनिक अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल का निर्माण किया जाए।







