Kitchen Hacks: नई दिल्ली। आलू भारतीय रसोई में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली सब्जियों में से एक है। आलू की सब्जी, पराठा, चाट, टिक्की हो या कोई भी स्नैक्स—लगभग हर डिश में इसका इस्तेमाल प्रमुखता से किया जाता है। हालांकि, कई बार आलू उबालते समय लोग यह समझ नहीं पाते कि प्रेशर कुकर में कितनी सीटी लगाना सही रहेगा। सीटी कम रहने पर आलू अंदर से कच्चे रह जाते हैं, जबकि अधिक सीटी लग जाने पर वे बहुत ज्यादा गल जाते हैं और उनमें पानी भर जाता है। ऐसे में परफेक्ट आलू उबालने का सही तरीका जानना बहुत जरूरी है।
आलू के आकार के हिसाब से तय करें सीटी की संख्या
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मध्यम आकार के आलू: यदि आप मध्यम आकार के आलू उबाल रहे हैं, तो प्रेशर कुकर में 2 सीटी पर्याप्त होती हैं। इससे आलू अच्छी तरह पक जाते हैं और उनका आकार भी खराब नहीं होता।
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बड़े आकार के आलू: बड़े आलू को पूरी तरह से पकने में थोड़ा अधिक समय लगता है, इसलिए इनके लिए 3 सीटी लगाना बेहतर होता है।
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छोटे या कटे हुए आलू: अगर आलू का आकार बहुत छोटा है या आपने उन्हें दो हिस्सों में काटकर कुकर में डाला है, तो 1 से 2 सीटी में ही काम हो जाता है।
कुकर में आलू उबालते समय रखें इन बातों का ध्यान
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पानी की मात्रा: कुकर में हमेशा इतना पानी डालें कि सभी आलू पूरी तरह पानी में डूब जाएं।
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नमक और आंच: स्वाद और बेहतर पकाव के लिए पानी में एक चुटकी नमक मिला दें। कुकर को हमेशा मध्यम आंच पर ही पकाएं; बहुत तेज आंच पर पकाने से आलू बाहर से तो गल जाते हैं लेकिन अंदर से कच्चे रह जाते हैं।
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प्रेशर निकलने दें: गैस बंद करने के बाद कुकर का प्रेशर खुद-ब-खुद निकलने दें। इसके बाद ही ढक्कन खोलकर चाकू या कांटे की मदद से आलू को चेक करें।
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छिलका उतारने की आसान ट्रिक: उबले हुए आलू को कुछ मिनट ठंडा होने दें और फिर तुरंत ठंडे पानी में डाल दें। ऐसा करने से आलू का छिलका बेहद आसानी से बिना चिपके उतर जाता है।
कुकर न हो तो माइक्रोवेव का करें इस्तेमाल
यदि आपके पास प्रेशर कुकर उपलब्ध नहीं है, तो आप माइक्रोवेव में भी आसानी से आलू उबाल सकते हैं। इसके लिए आलू को छोटे टुकड़ों में काटकर माइक्रोवेव-सेफ बाउल में रखें, उसमें थोड़ा पानी डालें और लगभग 5 मिनट के लिए माइक्रोवेव करें। इसके बाद चाकू से जांच लें और जरूरत महसूस होने पर 2 से 3 मिनट और पका लें।
आलू खरीदते और स्टोर करते समय न करें ये गलती
बाजार से आलू खरीदते समय हमेशा चिकने छिलके वाले आलू चुनें। ऐसे आलू लेने से बचें जिनमें अंकुर निकल आए हों या जो सिकुड़े हुए दिख रहे हों। ध्यान रखें कि उबले या कच्चे आलू को ठंडी और सूखी जगह पर ही स्टोर करें; इन्हें फ्रिज में रखने से इनका स्वाद और प्राकृतिक बनावट दोनों प्रभावित होते हैं।







