Tuesday, August 25, 2026
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Gharghoda Janpad Panchayat: घरघोड़ा जनपद की आवास शाखा में बड़ा घोटाला! प्रचार-प्रसार के 7 लाख रुपये वाहन बिलों में खपाए; RTI में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Gharghoda Janpad Panchayat: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले घरघोड़ा जनपद पंचायत की आवास शाखा एक बार फिर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते सवालों के घेरे में है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त हुए आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर यह गंभीर आरोप सामने आया है कि कार्यालयीन व्यय और योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए आवंटित की गई लगभग 7 लाख रुपये की पूरी राशि को नियमों को ताक पर रखकर कथित तौर पर ‘वाहन व्यय’ के नाम पर खर्च दर्शा दिया गया है। इस खुलासे के बाद से स्थानीय प्रशासन और वित्तीय प्रबंधन की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

2024 में मिला आबंटन, बिल लगा दिए 2023 के: कागजी खेल उजागर

इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार और वित्तीय हेराफेरी का खेल तब पूरी तरह से उजागर हो गया, जब दस्तावेजों की तारीखों का मिलान किया गया।

  • बजट का आबंटन: आवास शाखा को इस कार्य के लिए शासकीय राशि का आबंटन वर्ष 2024 में प्राप्त हुआ था।

  • बिलों की तारीख: आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, इस राशि को ठिकाने लगाने के लिए जो व्यय बिल कार्यालय में प्रस्तुत किए गए, वे वर्ष 2023 के हैं।

बजट मिलने से एक साल पहले के बिल लगाकर भुगतान पा लेना अधिकारियों की घोर लापरवाही, मिलीभगत और सीधे तौर पर वित्तीय अनियमितता को स्पष्ट रूप से उजागर करता है।

मोटरसाइकिल और छोटे हाथी का बिल; बिलासपुर दौरे के दावों की खुली पोल

संदिग्ध खर्चों की बानगी: प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, सरकारी राशि को ठिकाने लगाने के लिए मोटरसाइकिल, पिकअप और ‘छोटा हाथी’ (टाटा एस) सहित विभिन्न वाणिज्यिक और निजी वाहनों के बिलों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया गया है।

दस्तावेजों में यह उल्लेख किया गया है कि इन वाहनों का उपयोग ग्रामीणों को किसी विभागीय कार्य से बिलासपुर ले जाने के लिए किया गया था। जबकि स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों का आरोप है कि वास्तविकता में न तो किसी ग्रामीण को बिलासपुर ले जाया गया और न ही धरातल पर ऐसे किसी वाहन का उपयोग हुआ था। सूत्रों के अनुसार, पूरी आवंटित राशि को डकारने के लिए पूरी तरह से फर्जी या संदिग्ध बिलों का सहारा लिया गया है।

निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से घरघोड़ा क्षेत्र के स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि:

  1. पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।

  2. बिल में दर्ज वाहन मालिकों, संबंधित ग्रामीणों तथा भुगतान से जुड़े विभागीय अभिलेखों का भौतिक मिलान (Cross Verification) कर सच्चाई सामने लाई जाए।

  3. इस पूरी जालसाजी और सरकारी धन के दुरुपयोग में संलिप्त दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से निलंबन और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार जैसे महत्वपूर्ण और उद्देश्यपूर्ण कार्यों के लिए दी गई राशि का इस तरह से बंदरबांट किया जाना वित्तीय अपराध की श्रेणी में आता है। अब देखना यह होगा कि रायगढ़ जिला प्रशासन और संबंधित विभाग इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेकर क्या कदम उठाता है।

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