Mahadev Betting App Scam: महादेव सट्टा एप मामले में ED का अब तक का सबसे बड़ा प्रहार; ₹940 करोड़ की नई प्रॉपर्टी अटैच, कुल कार्रवाई ₹3800 करोड़ के पार

VIKASH KHALKHO
Mahadev Betting App Case

Mahadev Betting App Scam: रायपुर/दुर्ग: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने देश के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप (Mahadev Online Betting App) और स्काई एक्सचेंज (Sky Exchange) नेटवर्क के खिलाफ अपनी अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 940 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को प्रोविजनल तौर पर अटैच (कुर्क) कर लिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, कुर्क की गई यह विशाल संपत्ति मुख्य रूप से दिल्ली/छत्तीसगढ़ के बड़े कारोबारी विकास गर्ग और उनके परिवार के नियंत्रण वाली विभिन्न शेल कंपनियों और फर्मों से संबंधित है।

अटैच की गई संपत्तियों में क्या-क्या है शामिल?

जांच एजेंसी द्वारा कोर्ट में पेश किए गए वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों के आधार पर इस जब्ती में निम्नलिखित संपत्तियां शामिल हैं:

  • महंगे रियल एस्टेट: देश के विभिन्न महानगरों में स्थित आलीशान आवासीय संपत्तियां (Luxury Residential Properties) और व्यावसायिक जमीनें।

  • वित्तीय निवेश: अलग-अलग कंपनियों के भारी-भरकम शेयर्स, म्यूचुअल फंड और विभिन्न बैंकों में जमा वित्तीय निवेश।

  • अवैध कमाई के साक्ष्य: ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क के जरिए भारत से कमाकर विदेशों में पार्क की गई संपत्ति, जिसे तकनीकी और फोरेंसिक इनपुट्स के आधार पर ट्रैक किया गया।

दुर्ग से शुरू हुई थी जांच; हर महीने ₹450 करोड़ की काली कमाई का खुलासा

घोटाले का मॉडस ऑपेरेंडी (Modis Operandi): ईडी की जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि महादेव सट्टा एप और स्काई एक्सचेंज से जुड़ा यह पूरा सिंडिकेट भारत से नहीं, बल्कि विदेशों (दुबई और अन्य देशों) से रिमोटली संचालित किया जा रहा था। देशभर में इसके विस्तार के लिए एक गुप्त ‘पैनल सिस्टम’ (पंटर्स और फ्रेंचाइजी मॉडल) तैयार किया गया था। इस नेटवर्क के जरिए सट्टेबाजों द्वारा हर महीने औसतन 450 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की जा रही थी। इस काली कमाई को वैध (White Money) दिखाने के लिए सैकड़ों शेल (फर्जी) कंपनियों का जाल बुना गया और पैसों के वास्तविक स्रोत को लेयरिंग के जरिए छिपा दिया गया।

इस मामले की शुरुआत छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में दर्ज हुई पहली एफआईआर (FIR) से हुई थी। इसके बाद आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों की पुलिस द्वारा दर्ज की गई शिकायतों को आधार बनाकर ED ने अपनी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच का दायरा पूरे देश में फैला दिया।

अब तक 7 अटैचमेंट ऑर्डर जारी, रायपुर स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल

प्रवर्तन निदेशालय के आला अधिकारियों के मुताबिक, इस महाघोटाले में जांच एजेंसी की कड़ाई लगातार जारी है:

  • 7 प्रोविजनल ऑर्डर: इस मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए ED अब तक कुल 7 प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर चुकी है।

  • ₹3800 करोड़ की कुल कार्रवाई: इस ताजा कार्रवाई को मिलाकर महादेव सट्टा एप मामले में अब तक कुल 3,800 करोड़ रुपये की अकूत संपत्ति पर जब्ती और फ्रीजिंग की कार्रवाई की जा चुकी है।

  • अदालती कार्रवाई: इस पूरे मामले की सप्लीमेंट्री और मुख्य चार्जशीट रायपुर की विशेष PMLA कोर्ट में दाखिल की जा चुकी है, जहां जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा और कड़ा होने की उम्मीद है। इसके समांतर ही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) भी 6 मुख्य आरोपियों के खिलाफ नई चार्जशीट पेश कर चुकी है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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