SBI Funds Management IPO: नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार ने समय-समय पर निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न दिए हैं, लेकिन देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने जो रिकॉर्ड कायम किया है, उसने दलाल स्ट्रीट के दिग्गजों को चकित कर दिया है। आगामी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड (SBI Mutual Fund) के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के जरिए बैंक अपने शुरुआती मामूली निवेश पर अकल्पनीय रिटर्न हासिल करने जा रहा है। सालों पहले मात्र 15 पैसे प्रति शेयर के औसत भाव पर किए गए निवेश पर एसबीआई को 3,82,567 फीसदी का माइंड-ब्लोइंग प्रॉफिट मिलने वाला है।
प्रमोटर्स की झोली में आएगा 11,658 करोड़ रुपये का बंपर मुनाफा
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड ने अपने 11,693 करोड़ रुपये के मेगा आईपीओ के लिए 545 रुपये से 574 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड घोषित किया है। यह वर्ष 2026 का अब तक का सबसे बड़ा भारतीय आईपीओ माना जा रहा है।
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एसबीआई की कमाई: प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर (Upper Price Band) पर, एसबीआई को अपनी हिस्सेदारी की बिक्री से कुल 7,366.39 करोड़ रुपये मिलेंगे। मात्र 1.93 करोड़ रुपये के कुल शुरुआती निवेश के मुकाबले बैंक को शुद्ध रूप से लगभग 7,364.47 करोड़ रुपये का मुनाफा होगा।
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अमुंडी (Amundi) की मोटी कमाई: फ्रांस की प्रमुख एसेट मैनेजर और सह-प्रमोटर अमुंडी इंडिया होल्डिंग्स (Amundi India Holding) को भी इस ऑफरिंग से जबरदस्त लाभ होगा। 4.35 रुपये प्रति शेयर की दर से 32.79 करोड़ रुपये का निवेश करने वाली अमुंडी को 13,095 फीसदी के रिटर्न के साथ करीब 4,293.73 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा होगा।
ध्यान देने योग्य बात: यह पूरा आईपीओ 20 करोड़ से अधिक इक्विटी शेयरों का ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) है। इसमें कोई नया शेयर जारी नहीं किया जा रहा है, जिससे बिक्री की पूरी राशि प्रमोटर्स (SBI और Amundi) के पास जाएगी।
10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेंगे प्रमोटर्स, ₹1.17 लाख करोड़ की वैल्यूएशन
मार्केट डेटा के अनुसार, इस ऑफर के जरिए एसबीआई कंपनी में अपनी 6.3 फीसदी हिस्सेदारी (12.83 करोड़ शेयर) और अमुंडी लगभग 3.7 फीसदी हिस्सेदारी (7.54 करोड़ शेयर) बेचेगी। दोनों प्रमोटर्स मिलकर कंपनी की कुल चुकता इक्विटी शेयर पूंजी का 10 प्रतिशत से थोड़ा कम हिस्सा बाजार में ला रहे हैं। ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की कुल मार्केट वैल्यूएशन लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। यह आईपीओ आम निवेशकों के लिए 14 जुलाई को खुलेगा और 16 जुलाई को बंद होगा।
QAAUM के मामले में देश की सबसे बड़ी AMC
क्रिसिल (CRISIL) की हालिया रिपोर्ट और कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के मुताबिक, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) है।
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मार्केट शेयर: मार्च 2026 तक कंपनी का मार्केट शेयर 15.3 फीसदी दर्ज किया गया।
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म्यूचुअल फंड QAAUM: कंपनी का तिमाही औसत एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (QAAUM) 31 मार्च 2026 तक 12,509.98 अरब रुपये पहुंच गया, जिसमें दो वर्षों के दौरान 16.97 फीसदी की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की गई।
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कुल परिसंपत्तियां: पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सेवाओं, एडवाइजरी और एआईएफ (AIF) को मिलाकर कंपनी का कुल QAAUM 29,461.05 अरब रुपये के पार है।
इसके अतिरिक्त, वित्तीय स्थिरता के मोर्चे पर कंपनी का ऑपरेटिंग एक्सपेंस रेशियो देश की टॉप 10 एएमसी में सबसे कम (QAAUM का मात्र 0.08%) है, जो इसे भारतीय वित्तीय बाजार में बेहद मजबूत स्थिति प्रदान करता है।







