Monday, August 24, 2026
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Bilaspur High Court HPCL Ruling: हाईवे पर नहीं खुलेगा ग्रामीण पेट्रोल पंप, हाई कोर्ट ने रद्द किया LOI, लापरवाही पर HPCL पर ठोका 1 लाख का जुर्माना

Chhattisgarh High Court
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Bilaspur High Court HPCL Ruling: बिलासपुर: छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के जस्टिस एके प्रसाद (अमितेंद्र किशोर प्रसाद) की एकल पीठ ने ऑयल कंपनियों के पेट्रोल पंप आवंटन नियमों और प्रशासनिक लापरवाही से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि ऑयल कंपनियों के नीतिगत नियमों (Dealer Selection Guidelines) के अनुसार राष्ट्रीय या राजकीय राजमार्गों (National or State Highways) पर ‘ग्रामीण श्रेणी’ के पेट्रोल पंप नहीं खोले जा सकते। कोर्ट ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) द्वारा एक महिला आवेदक का जारी आशय पत्र (LOI) निरस्त करने के निर्णय को कानूनी रूप से सही ठहराया है।

अधिकारियों की सुस्ती और लेट-लतीफी पर HPCL पर ठोका 1 लाख का जुर्माना

‘Bilaspur High Court HPCL Ruling’ के तहत हालांकि कोर्ट ने कंपनी के एलओआई निरस्त करने के फैसले को माना, लेकिन अधिकारियों की शुरुआती लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने माना कि HPCL के अधिकारियों की ढिलाई के कारण याचिकाकर्ता महिला को भारी मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। अदालत ने याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए HPCL को आदेश दिया है कि वह याचिकाकर्ता को 60 दिनों के भीतर 1,00,000 रुपये का एकमुश्त मुआवजा दे। इसमें जमीन सीमांकन पर हुए 40,000 रुपये के खर्च की भरपाई और 60,000 रुपये मानसिक प्रताड़ना के एवज में शामिल हैं।

क्या था पूरा विवाद? LOI मिलने के बाद शुरू हो चुका था निर्माण

मामले के विवरण के अनुसार, HPCL ने 14 दिसंबर 2018 को छत्तीसगढ़ में ग्रामीण रिटेल आउटलेट डीलरशिप के लिए विज्ञापन जारी किया था। याचिकाकर्ता अनंता चौधरी ने सरायपाली-पदमपुर रोड स्थित ग्राम नवागांव की जमीन का प्रस्ताव देकर ‘ओपन’ कैटेगरी में आवेदन दिया था। प्रारंभिक जांच के बाद कंपनी ने 29 दिसंबर 2020 को उनके पक्ष में LOI जारी कर दिया। LOI मिलने के बाद महिला ने ड्राफ्ट जमा किए, कलेक्टर से NOC ली, लोन लेकर निर्माण शुरू कराया और ट्रांसफार्मर तक लगवा लिया। लेकिन पंप शुरू होने से ठीक पहले 31 दिसंबर 2021 को कंपनी ने नोटिस जारी कर बताया कि उनकी जमीन स्टेट हाईवे-16 पर स्थित है और नियमों के खिलाफ होने के कारण 1 फरवरी 2022 को LOI निरस्त कर दिया।

कोर्ट की टिप्पणी: अधिकारियों की गलती का खामियाजा जनता क्यों भुगते?

सुनवाई के दौरान HPCL ने दलील दी कि डीलर सिलेक्शन गाइडलाइन्स के तहत ग्रामीण पेट्रोल पंप नेशनल/स्टेट हाईवे पर नहीं खोले जा सकते, इसलिए निरस्तीकरण नियमसंगत है। इस पर जस्टिस एके प्रसाद की सिंगल बेंच ने कहा कि नियमों के खिलाफ जाकर पेट्रोल पंप चालू करने का आदेश नहीं दिया जा सकता, लेकिन कंपनी के अधिकारी पहले ही मौका मुआयना कर चुके थे। यदि जमीन अयोग्य थी, तो एलओआई जारी करने से पहले इसकी जांच क्यों नहीं की गई? कंपनी के अधिकारियों की इस लेट-लतीफी और अंधेरगर्दी के कारण महिला को बैंक लोन और निर्माण का भारी नुकसान उठाना पड़ा, जिसकी भरपाई कंपनी को करनी ही होगी।

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