Badrinath Temple Donation Theft: बदरीनाथ के चढ़ावे पर किसने डाला हाथ? मंदिर समिति अध्यक्ष के सरकारी PA पर FIR

Badrinath Temple Donation Theft: देहरादून। उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में दान राशि की कथित चोरी का मामला अब पुलिस जांच तक पहुंच गया है। मंदिर समिति के अध्यक्ष के सरकारी निजी सहायक (पीए) प्रमोद नौटियाल के खिलाफ बदरीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इससे पहले विभागीय जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

Badrinath Temple Donation Theft: बदरीनाथ मंदिर के प्रभारी अधिकारी युद्धवीर पासवान ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, विभागीय जांच में पहली नजर में यह सामने आया कि 2 जुलाई को सुबह करीब 9 से 9:30 बजे के बीच दान राशि की गिनती के दौरान प्रमोद नौटियाल कथित रूप से भेंट गणना स्थल से दान की रकम उठाते हुए दिखाई दिए। इसी आधार पर मंदिर समिति ने पहले उन्हें सस्पेंड किया और बाद में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का फैसला लिया।

Badrinath Temple Donation Theft: मंदिर प्रशासन की शिकायत के बाद मंगलवार देर रात करीब 12:30 बजे बदरीनाथ थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306 और 316(5) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच की जिम्मेदारी थाना प्रभारी महादेव उनियाल को सौंपी है, जिन्होंने जांच शुरू कर दी है।

Badrinath Temple Donation Theft: जांच के दौरान मंदिर समिति की विभागीय रिपोर्ट, संबंधित दस्तावेज और 2 जुलाई को दान गिनती में ड्यूटी पर मौजूद सभी कर्मचारियों से मांगे गए स्पष्टीकरण का अध्ययन किया जाएगा। इसके अलावा, घटना वाले दिन के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जाएंगे ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दान राशि के साथ वास्तव में क्या हुआ और क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी।

Badrinath Temple Donation Theft: मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि दान राशि की गिनती के समय मंदिर कर्मचारियों के अलावा 11 से 12 श्रद्धालु और तीन साधु भी मौजूद थे। ऐसे में जांच केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उस समय मौजूद सभी लोगों की गतिविधियों की भी जांच की जाएगी।

Badrinath Temple Donation Theft: इस मामले पर बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र के विधायक लखपत बुटोला ने भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी इतनी बड़ी कथित चोरी किसी एक व्यक्ति के लिए करना आसान नहीं है। उनके अनुसार, इसके पीछे किसी प्रभावशाली व्यक्ति या संगठित नेटवर्क की भूमिका हो सकती है। उन्होंने निष्पक्ष और गहन जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

Badrinath Temple Donation Theft: फिलहाल पुलिस विभागीय जांच, सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। वहीं, मंदिर प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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