Saturday, August 22, 2026
Home Madhya Pradesh Infrastructure Demands News: ’13 साल से सिर्फ वादे मिले, सड़क नहीं!’ सिंगरौली...

Infrastructure Demands News: ’13 साल से सिर्फ वादे मिले, सड़क नहीं!’ सिंगरौली में कलेक्ट्रेट पहुंचे अकेलवाडाड़ के ग्रामीण, दी आंदोलन की चेतावनी

Infrastructure Demands News: सिंगरौली: मध्य प्रदेश के ऊर्जाधानी कहे जाने वाले सिंगरौली जिले में बड़े-बड़े विकास और अधोसंरचना (Infrastructure) के दावों के बीच एक कड़वी जमीनी हकीकत सामने आई है। जिले के काम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला ग्राम अकेलवाडाड़ (पोस्ट तियरा) आज के डिजिटल दौर में भी एक अदद पक्की सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए तरस रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और रिलायंस द्वारा निर्मित मुख्य सड़क को बने करीब 13 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन इस गांव तक पहुंचने वाले संपर्क मार्ग का निर्माण आज तक अधर में लटका हुआ है। इस उपेक्षा से तंग आकर वर्षों से नारकीय जीवन जी रहे ग्रामीण मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर तत्काल पक्की सड़क निर्माण कराने की मांग उठाई।

बरसात में टापू बन जाता है गांव: बीमारों और स्कूली बच्चों पर आफत

‘Infrastructure Demands News’ के तहत ग्रामीणों द्वारा साझा की गई व्यथा के अनुसार, गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला एकमात्र रास्ता पूरी तरह कच्चा है। मानसून की शुरुआत होते ही यह कच्चा मार्ग पूरी तरह कीचड़ और जलभराव के दलदल में तब्दील हो जाता है। ऐसी स्थिति में गांव के मासूम बच्चों का स्कूल जाना पूरी तरह बंद हो जाता है। सबसे गंभीर स्थिति तब पैदा होती है जब गांव में कोई बीमार होता है। सड़क न होने के कारण एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों, बुजुर्गों और विशेषकर गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने के लिए खाट या पालकी का सहारा लेना पड़ता है। इसके अलावा, स्थानीय किसानों को अपनी तैयार उपज को नजदीकी बाजार तक ले जाने में भारी आर्थिक नुकसान और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है।

सुधार कार्य पर दबंगों की जुताई, ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग

कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर हो रही राजनीति और अराजकता को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पूर्व में ग्रामीणों के आवागमन को थोड़ा सुगम बनाने के लिए मार्ग पर कुछ प्रशासनिक व जनसहयोग से सुधार कार्य कराया गया था। लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों और रसूखदारों ने उस मार्ग की जुताई कर उसे पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे बची-कुची सड़क भी अब चलने लायक नहीं बची है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस पूरे कृत्य की निष्पक्ष जांच कराकर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।

प्रशासन को अल्टीमेटम: पक्की सड़क नहीं तो होगा उग्र आंदोलन

सौपे गए ज्ञापन में अकेलवाडाड़ के सजग नागरिकों ने स्पष्ट रूप से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली— प्रधानमंत्री ग्राम सड़क से गांव तक तथा रिलायंस सड़क से गांव को जोड़ने वाली पक्की संपर्क सड़क का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर तुरंत शुरू किया जाए। दूसरी— इस निर्माण कार्य की निश्चित समय-सीमा (Timeline) को सार्वजनिक किया जाए। तीसरी— जब तक पक्की सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक ग्रामीणों के आवागमन के लिए कोई वैकल्पिक और सुरक्षित व्यवस्था की जाए।

ग्रामीणों ने कड़े लहजे में प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी इस जायज और पुरानी मांग पर शीघ्र ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे अपने संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और उग्र आंदोलन की राह पकड़ने के लिए विवश होंगे।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here