Rengalpali Theft Case: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़: रायगढ़ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के कड़े निर्देशन में संपत्ति संबंधी अपराधों और चोरियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाई जा रही विशेष मुहिम के तहत पुसौर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुसौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रेंगालपाली इलाके में पिछले कुछ समय से किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए लगाए गए बोरवेल के कीमती केबल वायर चोरी होने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुसौर पुलिस ने मुखबिर तंत्र की मदद से केबल वायर चोरी करने वाले दो सक्रिय और शातिर स्थानीय आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
प्रार्थी ऋषिकेश साव की रिपोर्ट पर पुलिस ने शुरू की थी विवेचना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेंगालपाली निवासी प्रार्थी ऋषिकेश साव उर्फ संतोष साव (35 वर्ष) ने 5 जुलाई 2026 को पुसौर थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके व्यक्तिगत खेत में सिंचाई कार्य के लिए लगाए गए बोरवेल का लगभग 100 मीटर लंबा केबल वायर, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत ₹20,000 है, किसी अज्ञात चोर द्वारा रात के अंधेरे में काट कर चोरी कर लिया गया है। इस संवेदनशील रिपोर्ट पर पुसौर पुलिस ने तत्काल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में अपराध पंजीकृत कर मामले की विस्तृत विवेचना और संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी थी।
पूछताछ में कुबूला गुनाह, जीजा-साले की तर्ज पर की थी चोरी
थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मामले की छानबीन के दौरान मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर दो संदिग्ध युवकों—विक्रांत सिदार (22 वर्ष) और दिगम्बर मांझी (26 वर्ष), दोनों निवासी रेंगालपाली, थाना पुसौर को हिरासत में लिया। थाने लाकर जब पुलिसिया अंदाज में दोनों से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने मिलकर चोरी की इस वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।
आरोपियों के मेमोरेंडम कथन को रिकॉर्ड पर लेते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। आरोपी विक्रांत सिदार के कब्जे से चोरी के केबल वायर को जलाकर निकाला गया करीब 2 किलोग्राम शुद्ध तांबे का तार बरामद किया गया। वहीं, वारदात में सहयोगी रहे दूसरे आरोपी दिगम्बर मांझी के कब्जे से घटना के समय प्रयुक्त की गई प्लेटिना मोटरसाइकिल (क्रमांक CG-13 AV-0523) को विधिवत जब्त किया गया।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत बढ़ीं धाराएं, भेजे गए जेल
विवेचना के दौरान यह पूरी तरह प्रमाणित पाया गया कि दोनों आरोपियों ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया था। इसके मद्देनजर पुसौर पुलिस ने प्रकरण में धारा 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) को भी समाहित किया। पर्याप्त विधिक साक्ष्य और बरामदगी के आधार पर दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से विद्वान न्यायाधीश के आदेश पर दोनों को न्यायिक रिमांड (जेल) भेज दिया गया है।
क्षेत्र के किसानों के हितों से जुड़ी इस केबल चोरी की वारदात का त्वरित खुलासा करने और आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस, उप-निरीक्षक और पुसौर थाने के समस्त स्टाफ की अत्यंत सराहनीय व महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के किसानों ने राहत की सांस ली है।







