Chhattisgarh Forest Beauty: मूसलाधार बारिश ने बदला बलौदाबाजार के जंगलों का मिजाज, देखें हरी-भरी वादियों के नज़ारे

Chhattisgarh Forest Beauty: कसडोल/बलौदाबाजार: बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश ने जहां एक ओर छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों में आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं दूसरी ओर वनांचल क्षेत्रों में प्रकृति ने एक ऐसा अलौकिक और अद्भुत रूप धारण कर लिया है, जिसे देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो रहा है। उफनती नदियों और नालों के बीच बलौदाबाजार जिले के सुप्रसिद्ध कसडोल और बारनवापारा वन क्षेत्र सहित आसपास की ऊंची पहाड़ियां इन दिनों हरियाली की मखमली चादर ओढ़े नजर आ रही हैं। घने जंगलों के बीच छोटी-छोटी पहाड़ियों से दूधिया धाराओं की तरह नीचे गिरते बरसाती झरने इस समय जंगल की खूबसूरती में ऐसा सम्मोहन घोल रहे हैं कि यहाँ पहुंचने वाला हर एक सैलानी कुछ पल ठहरकर इस प्राकृतिक सौंदर्य को अपनी आंखों और कैमरों में कैद करने के लिए मजबूर हो रहा है।

अल्पकालिक सुंदरता ही है इन झरनों का असली उपहार

भूगर्भीय और भौगोलिक संरचना के अनुसार, मूसलाधार बारिश के बाद पहाड़ियों से रिसता हुआ निर्मल जल जब बड़ी-बड़ी चट्टानों से होकर नीचे खाई की तरफ गिरता है, तो दर्जनों छोटे-छोटे अस्थायी (बरसाती) झरनों का स्वतः निर्माण हो जाता है। इन पहाड़ी झरनों की कल-कल करती मधुर ध्वनि, घने सागौन और मिश्रित वनों के बीच से बहकर आने वाली ठंडी हवाएं, सोंधी मिट्टी की भीनी-भीनी खुशबू और आसमान में बादलों की लुकाछिपी मिलकर यहाँ एक जादुई और बेहद मनमोहक वातावरण निर्मित कर देते हैं। इन झरनों की सबसे बड़ी विधिक और प्राकृतिक विशेषता यह है कि ये बारहमासी नहीं होते। केवल मानसून की अच्छी बारिश के बाद कुछ हफ्तों या महीनों तक ही इनका अस्तित्व धरातल पर दिखाई देता है और जैसे-जैसे वर्षा ऋतु समाप्त होती है, ये झरने भी धीरे-धीरे वनों में विलुप्त हो जाते हैं। यही अल्पकालिक सुंदरता इन्हें और भी अनूठा और खास बनाती है।

कसडोल ब्लॉक में सक्रिय हुए 5 से अधिक जलप्रपात, उमड़े सोशल मीडिया क्रिएटर्स

इन दिनों पूरे कसडोल ब्लॉक का सुप्रसिद्ध सिद्धखोल झरना अपने पूरे शबाब पर है। इसके अतिरिक्त बारनवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र के आसपास 5 से अधिक नए छोटे-बड़े अस्थायी झरने सक्रिय हो चुके हैं। इन मनोरम दृश्यों का लुत्फ उठाने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी, युवा, फोटोग्राफर और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर यहाँ पहुंच रहे हैं। यहाँ आने वाले लोग हरी-भरी वादियों से घिरे इन पहाड़ी झरनों के वीडियो और तस्वीरें बनाकर इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर साझा कर रहे हैं, जिन्हें देखकर अन्य शहरों के लोग भी इस अप्रतिम प्राकृतिक सौंदर्य को करीब से महसूस करने के लिए कसडोल की ओर खिंचे चले आ रहे हैं।

शहरों की कंक्रीट वाली जिंदगी, भागदौड़ और शोरगुल से दूर यह पूरा शांत वनांचल इन दिनों मानसिक सुकून, ताजगी और अपनी सतरंगी प्राकृतिक चित्रकला के कारण एक आदर्श पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है। सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय वन विभाग और प्रशासन ने उफनते नदी-नालों के समीप सैलानियों के लिए विशेष सतर्कता बोर्ड भी लगाए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

Share The News
[youtube_shorts]

Popular News

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

CG Police Recruitment: हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: आरक्षक भर्ती प्रक्रिया रद्द करने से साफ इनकार

CG Police Recruitment: बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में आरक्षक (कॉन्स्टेबल) भर्ती...

King Charles Income: कहां से आता है ब्रिटिश राजपरिवार के पास अरबों का धन?

King Charles Income: लंदन/बिजनेस डेस्क: ब्रिटेन के आलीशान महलों...

Related Articles

Popular Categories