Saturday, August 22, 2026
Home Madhya Pradesh Shajapur News: शाजापुर में दर्दनाक हादसा आवारा कुत्ते से बचने की कोशिश...

Shajapur News: शाजापुर में दर्दनाक हादसा आवारा कुत्ते से बचने की कोशिश में 13 हिरणों की कुएं में गिरकर मौत, वन विभाग की जांच शुरू

Shajapur News: सूर्या परमार /शाजापुर। मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले से वन्यजीव संरक्षण को झकझोर देने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। जिले के कालापीपल तहसील अंतर्गत खरदौनकलां गांव के एक खेत में स्थित खुले कुएं से 13 हिरणों और एक आवारा श्वान (कुत्ते) के शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में हिरणों की मौत ने वन विभाग और प्रशासन को भी चिंता में डाल दिया है। सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।

खेत मालिक ने देखा तो उड़ गए होश

रविवार सुबह खेत मालिक अपने खेत में कीटनाशक का छिड़काव करने पहुंचा था। इसी दौरान उसे कुएं की ओर से तेज दुर्गंध महसूस हुई। जब उसने कुएं के अंदर झांककर देखा तो वहां बड़ी संख्या में हिरणों के शव पड़े हुए थे। यह दृश्य देखकर वह घबरा गया और तुरंत गांव के लोगों के साथ वन विभाग एवं पुलिस को सूचना दी।कुछ ही देर में वन विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मदद से कुएं से शवों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया गया।

READ MORE: Ujjain News: नाबालिग से ट्रैक्टर चलवाने का आरोप, हादसे में 17 वर्षीय किशोर की मौत- परिजनों ने IG से लगाई न्याय की गुहार

आवारा श्वान से बचने के दौरान हुआ हादसा

प्रारंभिक जांच में वन विभाग ने संभावना जताई है कि हिरणों का झुंड जंगल से खेतों की ओर आया था। इसी दौरान एक आवारा श्वान उनके पीछे पड़ गया। जान बचाने के लिए हिरण तेज गति से भागने लगे और अंधेरे अथवा घबराहट में खेत में बने खुले कुएं को नहीं देख पाए। देखते ही देखते एक-एक कर सभी हिरण कुएं में गिर गए।हिरणों का पीछा कर रहा श्वान भी संतुलन खो बैठा और उसी कुएं में गिर गया, जिससे उसकी भी मौत हो गई।हालांकि वन विभाग का कहना है कि यह केवल प्रारंभिक आशंका है। हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही होगी।

चार नर और नौ मादा हिरणों की मौत

Shajapur News: वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मृत वन्यजीवों में 13 हिरण शामिल हैं, जिनमें चार नर और नौ मादा हैं। सभी शव काफी सड़-गल चुके थे, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि घटना एक-दो दिन पहले हुई होगी और किसी की नजर इस पर नहीं पड़ी।

खुले कुएं की टूटी मुंडेर बनी हादसे की वजह?

Shajapur News: ग्रामीणों ने बताया कि जिस कुएं में हिरण गिरे, उसकी मुंडेर (किनारा) काफी समय से टूटी हुई थी और वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। उनका कहना है कि यदि कुएं के चारों ओर मजबूत सुरक्षा दीवार या जाली लगी होती, तो इतनी बड़ी संख्या में वन्यजीवों की जान बचाई जा सकती थी।ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र के सभी खुले कुओं को सुरक्षित कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत पूरी हुई कार्रवाई

Shajapur News: चूंकि हिरण संरक्षित वन्यजीव हैं, इसलिए नियमानुसार नायब तहसीलदार की मौजूदगी में सभी शवों को कुएं से बाहर निकाला गया। इसके बाद पशु चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद वन विभाग ने मौके पर ही सभी शवों का अंतिम संस्कार कराया।वन विभाग ने शवों के नमूने सुरक्षित रख लिए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर फॉरेंसिक जांच भी कराई जा सके।

READ MORE: AI Fake Poster: राम मंदिर चंदे’ से जुड़े कथित AI पोस्टर पर मचा सियासी बवाल, कांग्रेस ने PHQ में दर्ज कराई शिकायत, FIR और गिरफ्तारी की मांग

हिरणों की बड़ी आबादी वाला इलाका

Shajapur News: कालापीपल और आसपास का क्षेत्र प्रदेश में हिरणों की बड़ी आबादी के लिए जाना जाता है। यहां अक्सर खेतों और जंगलों के बीच हिरणों के झुंड देखे जाते हैं। वन विभाग ने करीब दो महीने पहले ही इस क्षेत्र से लगभग 800 हिरणों को अन्य अभयारण्यों और वन क्षेत्रों में स्थानांतरित किया था, ताकि उनकी संख्या संतुलित रहे और मानव-वन्यजीव संघर्ष कम हो सके।इसके बावजूद एक साथ 13 हिरणों की मौत ने वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी

Shajapur News: वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। यह पता लगाया जाएगा कि घटना केवल दुर्घटना थी या सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही भी सामने आती है। साथ ही क्षेत्र के अन्य खुले कुओं का भी सर्वे कराया जाएगा और उन्हें सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में खुले कुएं, बिना सुरक्षा घेरों के तालाब और अन्य गहरे गड्ढे वन्यजीवों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं। यदि समय रहते इन्हें सुरक्षित नहीं किया गया, तो भविष्य में भी इस तरह की दर्दनाक घटनाएं सामने आ सकती हैं।फिलहाल इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है और वन विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here