Friday, August 21, 2026
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Instagram Paid Ads: भ्रामक विज्ञापनों पर केंद्र सरकार सख्त, मेटा को दिए कड़े निर्देश; जानें क्या बदलेगा

Instagram Paid Ads: नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर लगातार प्रसारित हो रहे आपत्तिजनक, अश्लील और भ्रामक पेड विज्ञापनों (Paid Advertisements) को लेकर केंद्र सरकार ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। सरकार ने इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा (Meta) को आधिकारिक निर्देश जारी करते हुए ऐसे विज्ञापनों की कड़ाई से निगरानी करने और स्थापित नियमों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैलने वाली गुमराह करने वाली प्रचार सामग्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है, ताकि देश के करोड़ों इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को एक सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल वातावरण प्रदान किया जा सके।

आपत्तिजनक विज्ञापनों और फर्जी दावों पर बढ़ी चिंता

पिछले कुछ समय से इंस्टाग्राम पर प्रसारित होने वाले कई प्रायोजित विज्ञापनों (Sponsored Ads) को लेकर विभिन्न स्तरों पर गंभीर शिकायतें दर्ज कराई जा रही थीं। इन विज्ञापनों में कथित रूप से फर्जी निवेश योजनाएं, रातों-रात अमीर बनने के भ्रामक दावे, नकली नौकरियों के ऑफर, चमत्कारिक ढंग से वजन घटाने वाले स्वास्थ्य उत्पाद और कई बार सार्वजनिक शालीनता की सीमाओं को लांघने वाली अश्लील सामग्री दिखाई जा रही थी। इस मामले को देश की डिजिटल सुरक्षा और नागरिकों के आर्थिक व मानसिक हितों से जुड़ा मानकर सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है और मेटा को स्पष्ट चेताया है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित होने वाली व्यावसायिक सामग्री के लिए अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करे।

विज्ञापनदाताओं पर बढ़ेगी निगरानी, समीक्षा तंत्र होगा मजबूत

सरकार द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि मेटा इंस्टाग्राम पर लाइव होने वाले प्रत्येक पेड विज्ञापन की प्रारंभिक समीक्षा प्रक्रिया (Review Process) को और अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाए। ऐसे विज्ञापन जो भारतीय कानूनों, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों या सामाजिक मानदंडों का उल्लंघन करते हैं, उन्हें रियल-टाइम में हटाने की एक प्रभावी स्वचालित और मैन्युअल व्यवस्था तैयार की जाए। इसके साथ ही, विज्ञापनों के पीछे छिपे वास्तविक विज्ञापनदाताओं (Advertisers) की पहचान (KYC) और उनके वित्तीय खातों पर भी कड़ी नजर रखने की हिदायत दी गई है, ताकि फर्जी खातों के जरिए चलाए जा रहे संदिग्ध प्रचार अभियानों के नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।

डिजिटल धोखाधड़ी से बचेंगे यूजर्स, बढ़ेगी कंपनियों की जिम्मेदारी

डिजिटल क्षेत्र और साइबर सुरक्षा के विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया विज्ञापनों के इस दौर में उपभोक्ताओं और आम नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। अक्सर आकर्षक और भ्रामक ऑफर्स के झांसे में आकर आम लोग बड़ी आर्थिक धोखाधड़ी, डेटा चोरी और साइबर अपराधों का शिकार बन जाते हैं। सरकार की इस नई पहल से सोशल मीडिया दिग्गज कंपनियों की मनमानी पर रोक लगेगी और उनकी कानूनी जिम्मेदारी बढ़ेगी। सरकार इससे पहले भी सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी नियमों का कड़ाई से पालन करने की चेतावनी दे चुकी है। अब इंस्टाग्राम के पेड विज्ञापनों को लेकर उठाया गया यह कदम देश के डिजिटल स्पेस को सुरक्षित और साफ-सुथरा बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

(नोट: मूल इनपुट पाठ में शामिल “बैंक सखियों ने ग्रामीणों की वित्तीय गतिविधियों को दी मजबूती” वाक्य अप्रासंगिक और विषयांतर होने के कारण मुख्य समाचार विवरणी से पृथक रखा गया है।)

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