Betul Asha Workers: बैतूल में आशा कार्यकर्ताओं का हल्लाबोल, निश्चित वेतन और एरियर की मांग

Betul Asha Workers: बैतूल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के बैतूल जिला मुख्यालय पर सोमवार को स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ कही जाने वाली आशा, ऊषा और आशा पर्यवेक्षक कार्यकर्ताओं का बड़ा आक्रोश देखने को मिला। ‘आशा, ऊषा एवं आशा पर्यवेक्षक संयुक्त मोर्चा’ के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हुईं महिला कार्यकर्ताओं ने वेतन, प्रोत्साहन राशि की समय पर अदायगी और लंबित भुगतानों में हो रही अनियमितताओं के खिलाफ जिला उद्योग केंद्र के सामने एक दिवसीय उग्र धरना-प्रदर्शन किया। इसके पश्चात, कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में एक विशाल रैली निकाली। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के मिशन संचालक के नाम कलेक्टर को 18 सूत्रीय मांगों का एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।

बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं देने के बावजूद झेलना पड़ रहा आर्थिक संकट

म.प्र. आशा आशा सहयोगिनी श्रमिक संघ की जिला अध्यक्ष श्रीमती किरण कालभोर और प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ता पुष्पा भिकोडे ने संयुक्त रूप से बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जमीनी स्तर पर कार्यरत ये महिलाएं मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, नियमित टीकाकरण अभियानों, जनस्वास्थ्य से जुड़े राष्ट्रीय कार्यक्रमों और शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को हर घर तक पहुंचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण एवं अग्रिम भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग द्वारा उन्हें समय पर प्रोत्साहन राशि और नियत वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। विभाग के इस ढुलमुल रवैये के कारण इन महिला कर्मियों को भारी आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।

कड़े प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद तीन से चार माह का भुगतान लंबित

यूनियन पदाधिकारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यद्यपि उच्च स्तर से हर माह की 5 तारीख तक सभी आशा कार्यकर्ताओं का नियमित भुगतान करने के कड़े निर्देश जारी किए जाते हैं, परंतु जमीनी स्तर पर इन नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कई बार तीन से चार महीनों तक का जायज भुगतान बिना किसी कारण के रोक कर रखा जाता है और बाद में आंशिक राशि का भुगतान कर पूरा पैसा देने का दावा कर दिया जाता है। इसके अलावा, वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा आशा एवं आशा पर्यवेक्षकों के लिए प्रतिवर्ष एक हजार रुपये की वार्षिक वेतन वृद्धि की जो ऐतिहासिक घोषणा की गई थी, उसे भी आज तक अमलीजामा नहीं पहनाया गया है, जबकि अन्य सरकारी संवर्गों को इसका लाभ कब का मिल चुका है।

ये हैं प्रमुख 18 सूत्रीय मांगें

संयुक्त मोर्चा ने अपने ज्ञापन के माध्यम से शासन-प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मुख्य मांगें रखी हैं:

  • प्रत्येक माह की 5 तारीख तक बिना किसी अनुचित कटौती के नियमित वेतन और प्रोत्साहन राशि का पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा अनिवार्य रूप से ‘वेतन पर्ची’ (Salary Slip) उपलब्ध कराई जाए।

  • पूर्व में घोषित एक हजार रुपये की वार्षिक वेतन वृद्धि को एरियर (बकाया राशि) सहित तत्काल लागू किया जाए।

  • आशा कार्यकर्ताओं के लिए 10 हजार रुपये निश्चित मासिक मानदेय और न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये तय हो, वहीं पर्यवेक्षकों को 35 हजार रुपये मासिक वेतन के साथ पृथक यात्रा भत्ता (TA) दिया जाए।

  • आशा कार्यकर्ताओं से कोई भी गैर-विभागीय कार्य न कराया जाए और यदि अतिरिक्त कार्य लिया जाता है, तो उसका पृथक से भुगतान हो।

  • आयुष्मान कार्ड निर्माण के दौरान कार्यकर्ताओं की जेब से खर्च हुई राशि को वापस लौटाया जाए।

  • बिना किसी वैधानिक जांच के वेतन कटौती और असमय सेवा समाप्ति की दमनकारी कार्रवाई पर तुरंत रोक लगे।

  • शासकीय अस्पतालों के निजीकरण के निर्णय को वापस लिया जाए और मैदानी कर्मियों को ड्रेस, स्वेटर, जूते व छाते के लिए आवश्यक सहायता राशि प्रतिवर्ष प्रदान की जाए।

इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि उनकी विधिक और न्यायसंगत मांगों पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन पूरे प्रदेश स्तर पर और अधिक उग्र रूप अख्तियार करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और स्वास्थ्य विभाग की होगी।

Share The News
[youtube_shorts]

Popular News

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

Janpad Panchayat Lailunga: छोटे-छोटे कामों के लिए भटक रहे ग्रामीण, रवि भगत ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

Janpad Panchayat Lailunga: गौरी शंकर गुप्ता/लैलूंगा (रायगढ़): छत्तीसगढ़ के...

Politics News: नकटी मामले को लेकर कांग्रेस का हल्लाबोल, फूंका धरसीवां विधायक अनुज शर्मा का पुतला

Politics News: मोहम्मद याकुब/धरसीवां: जिला कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार...

Related Articles

Popular Categories