Rewa Murder Case: रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले की सिटी कोतवाली पुलिस ने कत्ल की एक ऐसी खौफनाक और हैरान कर देने वाली साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसे सुनकर हर किसी की रूह कांप गई। अमूमन दोस्त एक-दूसरे की तरक्की में भागीदार बनते हैं, लेकिन यहाँ दो दोस्तों ने महज इसलिए अपने ही तीसरे दोस्त को मौत के घाट उतार दिया क्योंकि वे उसकी कामयाबी और कंपनी में बढ़ती पैठ को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे। रीवा के निपानिया मोहल्ले से गायब हुए एक युवक का कंकाल उत्तर प्रदेश के जंगलों में मिला, जिसके बाद पुलिसिया तफ्तीश में दोस्ती के रिश्ते को शर्मसार करने वाली यह खूनी दास्तां सामने आई।
18 मई से लापता था अनूप, यूपी के जंगल में मिला कंकाल
पुलिस से प्राप्त विवरण के अनुसार, रीवा के निपानिया मोहल्ले का रहने वाला अनूप सेन एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था। 18 मई 2026 को वह अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था, जिसके बाद चिंतित परिजनों ने सिटी कोतवाली थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रीवा पुलिस ने मध्य प्रदेश सहित सीमावर्ती राज्यों में उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान उत्तर प्रदेश के महुरिया जंगल में पुलिस को एक अज्ञात मानव नर कंकाल मिलने की सूचना प्राप्त हुई। काफी तकनीकी प्रयासों और शिनाख्त की कार्रवाई के बाद उस नर कंकाल की पहचान रीवा के लापता युवक अनूप सेन के रूप में हुई।
जूनियर की कामयाबी से सुलग रही थी नफरत की आग
कंकाल मिलने के बाद जब पुलिस ने कत्ल की गुत्थी सुलझानी शुरू की, तो हत्यारों के नाम सुनकर हर कोई दंग रह गया। अनूप की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके दो जिगरी दोस्तों—यशवंत चतुर्वेदी (निवासी नीरी, उत्तर प्रदेश) और उसके सगे साले पंकज शुक्ला (निवासी इटमा, उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि तीनों एक ही कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड का काम करते थे। अनूप उम्र और अनुभव में दोनों से जूनियर था, लेकिन अपनी मेहनत के बल पर उसने कंपनी के मैनेजमेंट में अच्छी पैठ बना ली थी और वह कंपनी को नए लड़के (कर्मचारी) भी प्रोवाइड करने लगा था। अनूप की इसी व्यावसायिक उन्नति से यशवंत और पंकज भीतर ही भीतर जलने लगे थे और उन्होंने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
शराब पार्टी के बाद गमछे से घोंटा गला, बुलेट लेकर हुए फरार
साजिश के तहत घटना वाले दिन आरोपी यशवंत चतुर्वेदी, अनूप सेन को अपनी बुलेट मोटरसाइकिल पर बैठाकर उत्तर प्रदेश स्थित अपने गांव देवरा ले गया। वहां रात भर दोनों ने एक मंदिर के परिसर में बैठकर शराब पी, लेकिन सुबह पुजारी के टोकने पर दोनों वहां से निकल गए। अगली सुबह यशवंत ने अपने जीजा पंकज शुक्ला को भी बुला लिया। अनूप अपने दोस्तों की नियत से पूरी तरह अनजान था और उनके साथ घूमता रहा। 19 मई की दोपहर दोनों आरोपी अनूप को महुरिया के घने जंगल में ले गए। वहां दोबारा शराब पार्टी की गई और जब अनूप पूरी तरह नशे में धुत्त हो गया, तो दोनों ने मिलकर गमछे से उसका गला घोंट दिया।
मौत की पुष्टि करने के लिए आरोपियों ने उसके शव पर भारी पत्थरों से हमला भी किया और लाश को वहीं छोड़कर फरार हो गए। हत्या के बाद यशवंत ने अपने जीजा पंकज को मृतक अनूप की बुलेट थमाते हुए कहा कि “अब तुम बुलेट राजा बन जाओ।” पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर बदला हुआ नंबर प्लेट लगी बुलेट बरामद कर ली है। इस जघन्य हत्याकांड ने समाज में पनप रही ईर्ष्या और अविश्वास के डरावने चेहरे को एक बार फिर सामने ला दिया है।







