Surajpur News: सूरजपुर: सूरजपुर जिले कि एक ऐसी तस्वीर जो विकास के दावों पर सवाल खड़े करती है,,,,यहां स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों के साथ साथ ग्रामीणों व राहगीरों और को हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते नाले को पार करना पड़ रहा है,,,, महिलाओं को भी भारी परेशानियां उठानी पड़ रही है यहां तक कि खेती किसानी के साथ रोजमर्रा कि जरुरतों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है.
Surajpur News: सूरजपुर जिले से लगभग 40 किलोमीटर दूर खड़गवा–सोनगरा मार्ग स्थित सुखदेवपुर नाला इन दिनों लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बना हुआ है,,बीते मई महीने में कोयला परिवहन के दौरान पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी,,,,इसके बाद से इस मार्ग पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित है,,,,सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और उनके परिजनों को उठानी पड़ रही है,,,,स्कूल पहुंचने के लिए बच्चों को नाला पार करना पड़ता है,,, तेज बहाव और खतरे को देखते हुए परिजन उन्हें अपनी पीठ पर उठाकर नाला पार करा रहे हैं,,हर दिन यह सफर किसी बड़े हादसे की आशंका के बीच तय किया जा रहा है ,,,,स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से SECL के भारी कोयला परिवहन वाहन सबसे अधिक गुजरते हैं,,,, लगातार भारी वाहनों के दबाव के कारण पुलिया क्षतिग्रस्त हुई,, लेकिन अब तक स्थायी मरम्मत नहीं हो सकी है.
Surajpur News: प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत रपटा निर्माण का काम शुरू किया गया था लेकिन वह भी अब तक अधूरा पड़ा है,,,,ऐसे में ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं,,,, महिलाओं और किसानों कि भी समस्याएं कुछ कम नहीं है,, महिलाओं को नदी पार करने में काफी परेशानियों के साथ जोखिम उठाना पड़ रहा है तो किसान अपनी मवेशियों और ट्रेक्टरों को इस पार से उस पार ले जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है कही तो ट्रेक्टर ही नदी में फंस जा रही है,,,, ऐसे में सभी प्रभावित ग्रामीणों का इस पुल के टुटने से जीवन प्रभावित हो गया है.
Surajpur News: टूटी पुलिया, अधूरा रपटा और जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते मासूम,,, परेशान होते किसान दिक्कतें उठाती महिलाएं ये तस्वीरें सूरजपुर जिले की हकीकत बयां कर रही हैं,,,, ऐसे में मायापुर 2 के सरपंच ने कहा कि पूर्व में एस ई सी एल को अवगत कराया गया था कि पुल जर्जर हो गया है फिर भी एस ई सी एल ने ध्यान नहीं दिया,,जिस कारण आज यह परेशानी उठानी पड़ रही है,,, ऐसे में अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक इस समस्या का स्थायी समाधान करता है,,,,







